New Railway Line : 3 नई रेलवे पर कार्य शुरू, जानें कहां से गुजरेगी ये लाइन
New Railway Line - भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए तीन नई रेलवे लाइनों पर काम शुरू करने की तैयारी कर ली है। इन परियोजनाओं के लिए फाइनल लोकेशन (final location) सर्वे को मंजूरी मिल चुकी है। कुल 178 किलोमीटर लंबी ये लाइनें कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी, यात्रा समय घटाएंगी और स्थानीय विकास को नई गति देंगी-
HR Breaking News, Digital Desk- (New Railway Line) भारतीय रेलवे यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए नई रेल लाइनों का निर्माण कर रही है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में तीन नई रेल लाइनों के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 178 किलोमीटर है।
ये प्रोजेक्ट स्थानीय निवासियों (local residents) की दशकों पुरानी मांग पूरी करेंगी, रेल नेटवर्क (rail network) का विस्तार होगा, यात्रा और सुगम होगी और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
भारतीय रेलवे (Indian Railway) के अनुसार, सीउरी-नाला रेल लाइन (73 किमी) झारखंड के नाला (जमतारा) को सीधे जोड़ेगी। इस मार्ग में राजनगर और प्रसिद्ध बकेश्वर धाम तीर्थस्थल शामिल होंगे। वर्तमान सड़क मार्ग कठिन और मौसमी समस्याओं से भरा है। नई रेल लाइन से लाखों तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी, धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा (Religious tourism will increase), पश्चिम बंगाल-झारखंड रेल संपर्क (Bengal-Jharkhand rail link) मजबूत होगा और माल ढुलाई में भी वृद्धि होगी।
दूसरी परियोजना आरामबाग-खानाकुल रेल लाइन (27 किमी) की है। यह हुगली जिले का महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां महान समाज सुधारक राजा राममोहन रॉय का जन्म हुआ था। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह क्षेत्र अभी केवल सड़क मार्ग से जुड़ा है, जहां ट्रैफिक जाम (traffic jam), भीड़ और दुर्घटनाएं आम हैं। नई रेल लाइन से यात्रियों की लंबित मांग पूरी होगी, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, क्षेत्र का विकास होगा और स्थानीय व्यापार व उद्योगों को लाभ मिलेगा।
तीसरी परियोजना रसूलपुर-जंगलपारा बाईपास लाइन (78 किमी) है, जो तकनीकी रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह रसूलपुर (मुख्य लाइन) को पल्ला रोड (कॉर्ड लाइन) से जोड़ेगी, जिससे इंजन को रिवर्स करने की समस्या समाप्त हो जाएगी। मासाग्राम पर रेल ओवर रेल ब्रिज का निर्माण होगा और मथनाशीपुर हॉल्ट को पूर्ण ब्लॉक स्टेशन (Mathnashipur Halt to Full Block Station) का दर्जा मिलेगा। छोटी दूरी की पैसेंजर ट्रेनें और हल्की मालगाड़ियां सीधे चल सकेंगी, मुख्य लाइनों पर यातायात दबाव कम होगा और क्षमता दोगुनी हो जाएगी।
क्या होगा फायदा-
बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा समय में भारी कमी आएगी, माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी (Freight capacity will increase) और हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। साथ ही बकेश्वर धाम, खानाकुल जैसे पर्यटन केंद्रों का समग्र विकास होगा। रेलवे के तकनीकी उन्नयन से संचालन और अधिक सुगम होगा। रेल मंत्रालय ने सर्वेक्षण कार्य (Railway Ministry survey) तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।