Kisan Credit Card के नए नियम आए सामने, किसानों को होगा यह लाभ
HR Breaking News (Kisan Credit Card ) किसानों की आर्थिक स्थिती को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। इन्हीं योजनाओं में किसान क्रेडिट कार्ड येाजना शामिल है। इस योजना का मकसद किसानों को किसानी की नई जरूरतों को पूरा करना है। अब हाल ही में सरकार की ओर से किसान क्रेडिट कार्ड येाजना (Kisan Credit Card Rules) के नियमों में बदलाव किया गया है। खबर में जानिए कि ये बदले हुए नियम किसानों के कैसे लाभदायक होने वाले हैं।
कैसे फायदेमंद है केसीसी योजना
सबसे पहले तो आपको यह बता दे कि किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत ( Kisan Credit Card) 1998 में हुई है और उसका मुख्य लक्ष्य किसानों को आसानी से लोन उपलब्ध करवाना है, जिससे बीज, उर्वरक और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा किया जा सकें। 2004 में इसे खेती से जुड़ी अन्य गतिविधियों से जोड़ा गया और 2019 में इसमें बदलाव कर डायरी पशुपालन और मछली पालन जैसे इलाकों को शामिल किया गया। इसका फायदा (Kcc scheme Ke Fayde) यह हुआ की गैर फसल आए में बढ़ोतरी हुई। उसके बाद 2020 में इसमें कुछ सुधार कर किसानों की आमदनी बढ़ी। अब इस योजना में कुछ अहम बदलाव किया गए हैं, जिसमें लोन चुकाने की अवधि को 6 साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है।
अभी कितनी है लोन चुकाने की अवधि
अभी तो नियमो के अनुसार लोन (KCC Loan Timeperiod) चुकाने की अवधि 12 महीने की है, जिसे बढ़ाकर 6 साल तक करने का प्रस्ताव है। 12 महीने में चुके जाने वाले लोन फसल की कटाई और विपणन पर डिपेंड करता है। रिपेमेंट की अवधि को बढ़ाने से किसानों को बार-बार नया कार्ड बनवाने के लिए बैंक के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब किसान लंबे समय तक एक ही कार्ड का यूज कर सकते हैं और साथ में लोन सीमा फसल चक्र के मुताबिक तय होगी, जिससे किसानों को जरूरत के हिसाब से सही समय पर और उचित मात्रा में फाइनेंशियल हेल्प मिल सकेगी।
6 मार्च तक मांगे जनता से सुझाव
बता दे कि आरबीआई (Reserve Bank Of India) ने केसीसी योजना को अधिक व्यापक उपयोगी बनाने के लिए बदलाव दिशा निर्देश को जारी किया है। आरबीआई के इन कोशिशों को बेहतर बनाने के लिए ओर योजना को मजबूत करने के लिए 6 मार्च तक जनता से सुझाव की मांग की है।
जान लें कि केसीसी से जुड़ी यह नई नियमावली (New rules related to KCC) जिन संस्थानों पर लागू होगी। उनमें कमर्शियल बैंक स्मॉल फाइनेंस बैंक आदि शामिल होंगे। इसमें फसल को उसकी उम्र के बेस पर बांटा गया है। जैसे की छोटी अवधि की फसल के लिए 12 महीने का लोन मिलेगा और लॉन्ग टर्म की फसल के लिए 18 महीने का किसी से लोन मिल सकेगा।
किसानों के लिए कैसे राहत भरे है नए नियम
इससे पहले तो बैंकों के अनुसार फसल सीजन का समय अलग था और लोन (KCC Loan Rules) की अवधि भी काफी कम थी और इसके साथी पहले तकनीक से जुड़े खर्चों को लोन में शामिल नहीं किया जाता था। लेकिन अब नए नियम किसानों के लिए राहत भरे हो सकते हैं और इन्हें भी लोन की पात्रता में शामिल किया जाएगा। केसीसी के इन नियमों में बदलाव से लॉन्ग टर्म के लोन का दबाव किसानों पर से कम हो सकेगा और जरूरत के हिसाब से क्रेडिट सीमाओं का यूज होगा। आज के समय में तकनीक का यूज काफी बढ़ गया है, जिससे किसान अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं। अब किसानों को फसल के साथ ही पशुपालन डायरी आदि के लिए भी कार्य शुरू पूंजी दी जा रही है, जिससे किसान अपनी इनकम के सोर्स को बढ़ा सकते हैं।
बिना कॉलेटरल मिल रहा इतना लोन
अब किसान केसीसी के माध्यम से लोन (Loan through KCC) लेकर आधुनिक कृषि यंत्र सौर ऊर्जा आदि खरीद रहे हैं, जिससे किसानों के उत्पादन और इनकम दोनों में इजाफा हो रहा है। अब किसान आसानी से बिना कॉलेटरल के 1.6 लाख रुपए का लोन ले सकते हैं, जिसमें से 50000 रुपये का बीमा भी जोड़ा गया है। किसानों को आसानी से लोन लेने से उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिल रही है। अब यह योजना जमीन के मालिक किसानों के साथ ही छोटे और सीमांत किसानों, किराए पर खेती करने वालें किसानों जैसे कई अन्य किसानों के लिए भी बेहद लाभदायक मानी जा रही है।
क्या है केसीसी योजना के पीछे का लक्ष्य
सरकार का केसीसी योजना के पीछे का लक्ष्य (Objective of KCC Scheme) किसानों को समय पर लोन प्राप्त करवाना है, ताकि वह कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों को बेहतर बना सके। इसका फायदा यह होगा कि इस योजना से किसान साहूकारों के जाल में नहीं फसेंगे और आसानी से लोन मिलने पर वह अपना सोर्स आफ इनकम भी बढ़ा सकेंगे। इसके साथ ही किसान बैंकिंग प्रणाली (farmers banking system) से जुड़कर भी सीधे सरकारी स्कीम का फायदा ले सकेंगे। कुल मिलाकर सरकार और आरबीआई केसीसी स्कीम में प्रावधानों को जोड़कर किसानों को आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रही है।