अब Haryana से दिल्ली तक इस रूट से चलेगी मेट्रो, निर्माण के लिए करोड़ों रुपये जारी
Delhi Metro Project : हरियाणा को दिल्ली के साथ कनेक्ट करने के लिए अब इस रूट के बीच मेट्रो को चलाया जाने वाला है। मेट्रो के चलने की वजह से इन दोनों राज्यों के बीच कनेक्टविटी (Haryana to Delhi Metro Project) को मजबूत कर दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के निर्माण में करोड़ो रुपये का खर्च आने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस मेट्रो लाइन के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News (Metro Project) हरियाणा और दिल्ली के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। बता दें कि अब दोनों राज्यों के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए यहां पर एक नई मेट्रो लाइन (New Metro Line) को बिछाने की तैयारी की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये के बजट तैयारी किया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि रोजाना आने वाले हजारों यात्रियों को ट्रेफिक से राहत मिलेगी।
ट्रेफिक की वजह से मिलेगी लोगों को राहत
अगर आप भी दिल्ली में ट्रेफिक की वजह से परेशान हो रहे हैं तो अब आपको इस परेशानियों का सामना नहीं करना होगा। बता दें कि दिल्ली सरकार (Delhi Goverment latest Update) की ओर से एक बड़ा अपडेट जारी किया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने भीषण जाम से राहत के लिए मास्टरस्ट्रोक प्लान को हरी झंडी दिखा दी हैं। दिल्ली सरकार ने मेट्रो फेज-IV (Metro Phase-IV) के तहत बाकी के तीन कॉरिडोर का निर्माण करने के लिए अपडेट जारी किया गया है। राज्य सरकार ने अपने हिस्से का फंड जारी कर दिया है, जिसके बाद अब मेट्रो की रफ्तार और भी तेज होने वाली है।
प्रोजेक्ट के निर्माण में आएगी इतनी लागत
इस प्रोजेक्ट के निर्माण में 14 हजार करोड़ (Metro Project) की लागत आ रही है। इस रूट की लंबाई कुल 47 किलोमीटर तक की होने वाली है। सीएम रेखा गुप्ता के द्वारा इस फैसले से दिल्ली और एनसीआर के लाखों लोगों की जिंदगी आसान बन जाएगी। बता दें कि सरकार ने 47.225 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो नेटवर्क को हरी झंडी दिखा जाएगा। इस पर कुल 14,630 करोड़ (Delhi Metro project) रुपये की लागत आएगी। सबसे खास बात तो ये है कि ये प्रोजेक्ट सिर्फ कागजों में नहीं रहने वाला है। हालांकि अगले 4 वर्षों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा जा रहा है।
तीन फेज में होगा मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण
सरकार के द्वारा स्वीकृत किए गए ये तीन कॉरिडोर दिल्ली के कोने-कोने को ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा (Haryana metro extension) को भी कनेक्ट करने वाला है। इसके लिए तीन मेट्रो फेज के तहत निर्माण किया जाने वाला है।
इसके लिए पहला निर्माण कार्य रिठाला–कुंडली कॉरिडोर तक के लिए बनाया जाएगा। ये फेज-IV का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहने वाला है। इस रूट की लंबाई 26.463 किलोमीटर होगी। ये रूट रोहिणी (Delhi traffic solution) से शुरू होकर बवाना और नरेला होते हुए हरियाणा के कुंडली तक जाने वाला है। इसमें कुल 21 स्टेशन को बनाया जाएगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।
वहीं दूसरा निर्माण कार्य इंद्रलोक के निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही साथ मध्य और पुरानी दिल्ली के लिए ये कॉरिडोर किसी वरदान से कम नहीं होने वाला है। 12.377 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 10 स्टेशन (Metro new routes Delhi) को बनाया जाएगा। इसमें 1 एलिवेटेड और 9 अंडरग्राउंड कॉरिडोर बनाये जाएंगे। दयाबस्ती, सराय रोहिल्ला, झंडेवालान और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त इलाके अब मेट्रो से सीधे कनेक्ट कर दिया जाएगा।
तीसरे प्रोजेक्ट में लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक को शामिल किया जाएगा। दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाकों के लिए ये 8.385 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर (New Metro corridor) बनाया जाने वाला है। इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन को बनाया जाएगा। इसमें एंड्रयूज गंज, जीके-1, चिराग दिल्ली और पुष्प विहार को कवर करने वाला है।
परियोजना में आएगी इतनी लागत
सरकार ने खोले खजाने के द्वारा इस महात्वाकांक्षी परियोजना की कुल लागत 14,630.80 करोड़ रुपये का खर्च आने वाला है। इसमें दिल्ली सरकार ने अपने हिस्से के 3,386.18 करोड़ रुपये (Metro new routes Delhi) जारी कर अपनी प्रतिबद्धता को जाहिर कर दिया है। इसके साथ ही साथ रिठाला-कुंडली कॉरिडोर में हरियाणा सरकार भी 545.77 करोड़ रुपये का योगदान भी दिया जा रहा है।
सीएम रेखा गुप्ता ने दी जानकारी
इस ऐतिहासिक कदम पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta metro project) ने बताया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया है कि मेट्रो फेज-IV के ये तीनों कॉरिडोर दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने वाला है। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध यात्रा मिलने वाला है। ऐसे में सरकार का लक्ष्य सड़कों पर जाम कम करना और प्रदूषण पर लगाम लगाना है। दिल्ली सरकार (Delhi Haryana connectivity) राजधानी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।