Railway Facts : देश में एक राज्य ऐसा भी, यहां नहीं चलती कोई ट्रेन, नहीं है कोई रेलवे लाइन

Railway News : आजकल हर कोई अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंचने के लिए ट्रेन का सहारा लेना काफी पसंद करता है। भारतीय रेलवे की तरफ से देश भर में रेलवे लाइन का विस्तार भी काफी तेजी से किया जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में एक राज्य ऐसा भी है जहां कोई भी ट्रेन नहीं चलती है। चली खबर के माध्यम से जानते हैं देश की इस जगह के बारे में जहां नहीं है कोई रेलवे लाइन।
 

HR Breaking News : (Indian Railway Facts) भारतीय रेलवे के तरफ से अपने यात्रियों को हर एक अच्छी सुविधा प्रदान की जाती है। जिस तरह रेलवे के नियम काफी सख्त है उसी तरह रेलवे की सुविधा भी काफी बढ़िया है। ऐसे में रेलवे से जुड़ी अब तक आपने कई अनोखी बातें सुनी होंगी लेकिन क्या आप जानते है कि भारत देश के अंदर एक ऐसा राज्य भी है जहां एक भी ट्रेन नही चलती है। जी हां, सच में भारत देश के अंदर एक ऐसा राज्य है जहां कोई रेलवे लाइन नहीं है।
 

इस राज्य में नहीं है रेल सुविधा


फिलहाल, भारत देश में सिक्किम एकमात्र ऐसा राज्य है जहां रेल सेवा नही है। इस राज्य में अब तक कोई भी रेल सेवा नही है, लेकिन अब इस राज्य में रेलवे लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। 
 

अब तक क्यों नही है कोई रेल सेवा 


सिक्किम के इतिहास (History of Sikkim) के बारे में आपको बतो दे कि यह 1975 में भारत का हिस्सा बना था। सिक्किम की भौगोलिक परिस्थितियां बाकी राज्यों से अलग है। इस राज्य में ऊंचे पहाड़ और ऊबड़-खाबड़ रास्ते हैं, जिससे भूस्खलन होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में इस राज्य में अभी तक रेल सेवा उपलब्ध नहीं हुई है। 
 

सिक्किम पहुंचने का रास्ता


अगर आपको सिक्किम जाना हो तो सबसे पहले आपको पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी या फिर जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशनों पर उतरना होगा जहां से सड़क मार्ग NH-10 के माध्यम से सिक्किम पहुंचा जाता है।
 

रेल परियोजना पर जारी काम


फिलहाल, सिक्किम में शिवोक-रंगपो रेल परियोजना पर कार्य (Work on the rail project) चल रहा है। शिवोक-रंगपो रेल परियोजना की कुल लंबाई 45 किलोमीटर है। यह परियोजना पश्चिम बंगाल के शिवोक को सिक्किम के रंगपो से जोड़ेगा। परियोजना की विशेषता बताएं तो इस पूरी परियोजना में 80% से अधिक रास्ता सुरंगों में तय होगा। इस दौरान 14 सुरंग और कई बड़े पुल बनाए गए हैं। 
 

रियोजना का दो चरणों में होगा कार्य 


सिक्किम (Sikkim News) में बिछाई जा रही इस रेल परियोजना का कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में पश्चिम बंगाल को सिक्किम से जोड़ा जाएगा। वहीं, दूसरे चरण में सिक्किम के रंगपो को राज्य की राजधानी यानी कि गंगटोक से जोड़ने की योजना है।


रेलवे की इस परियोजना (railway project) से सिक्किम में यातायात की समस्या का समाधान हो जाएगा व लोगों को दुसरें राज्यों में पहुंचने में आसानी होगी। वर्तमान में सिर्फ सड़क मार्ग ही उपलब्ध है लेकिन रेलवे की मदद से लोगों को दुसरें राज्यों में पहुंचने में आसानी होगी। आपको बता दें कि इस साल सरकार की तरफ से मेली से देंतम तक रेलवे लाइन के सर्वे को मंजूरी दी गई थी। 
 

ई तकनीकों के तहत बिछाई जा रही रेल लाइन


पहाड़ी इलाकों में जब भी रेल लाइन (Railway line in hilly areas) बिछाई जाती है तो रैक और पीनियन तकनीक का उपयोग किया जाता है। इस तकनीक में दो पटरियों के बीच एक तीसरी पटरी बिछाई जाती है, जिसमें दांत लगे हुए होते हैं, जिसे रैक कहा जाता है। वहीं, लोकोमोटिव के नीच एक पीनियन पहिया होता है, जो कि इस रैक में फंसकर चलता है। इसके कारण चढ़ाई के दौरान ट्रेन के पीछे आने का खतरा नहीं रहता है। यह व्यवस्था तमिलनाडू में नीलगिरी माउंटेन रेलवे द्वारा पहाड़ियों में उपयोग की जाती है।