Railway New Project : रेलवे ने बनाई बड़ी योजना, बनाया जाएगा यमुना नदी पर पुल

Railway New Project :भारतीय रेलवे की ओर से लगातार डेवलपमेंट के काम किए जा रहे हैं। दूनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क्स में सुमार भारतीय रेलवे लगातार आधुनिक तकनीकों को अपडेट कर रहा है। अब रेलवे की ओर से यमुना नदी पर पुल बनाने का फैसला लिया गया है। चलिए जानते हैं इस महत्वकांक्षी योजना के बारे में विस्तार से-

 

HR Breaking News (New Railway Project) भारतीय रेलवे की ओर से लगातार प्रगति का कार्य किया जा रहा है। दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में से एक भारतीय रेलवे लगातार आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है। रेलवे की ओर से अब एक और बड़ी परियोजना लेकर आई गई है। इस परियोजना के तहत यमुना नदी के ऊपर रेलवे का पुल बनाया जाएगा। चलिए जानते हैं परियोजना के बारे में विस्तार से- 

 

 

100 साल की अवधि को ध्यान में रखकर किया जा रहा डिजाइन 


भारतीय रेलवे (Indian Railway) की ओर से जो पुल बनाया जाएगा, उसको 100 साल की अवधि को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है। यह दूसरा ऐसा पुल होगा जिसमें एक ही गर्डर पर दो रेल लाइन बिछाई जाएंगी। ऐसा पहले गंगा पुल (Ganga River) पर भी हो चुका है। परियोजना के तहत पहले चरण में एक लाइन बिछाने की प्लानिंग है।

यह रेलवे का पुल डबल संख्या को संभालने के लिए पर्याप्त होगा। साथ में यहां पर निरीक्षण के लिए भी रास्ता बनाया जाएगा, ताकि सुरक्षा की जांच की जा सके। इसको बुनियादी ढांचा 2050 तक की संभावित भीड़ व ट्रेनों की संख्या को डबल मानकर बनाया जा रहा है। 

संगम नगरी में होगा विकास 


उत्तर प्रदेश स्थित संगम नगरी प्रयागराज में रेलवे यातायात को नई ऊर्जा दी जाएगी। लोगों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने यमुना पर पुल (Railway Bridge on Yamuna) बनाने की परियोजना बनाई है। दिल्ली हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, इसके चलते ही यमुना नदी पर एक नया पुल प्रयागराज में बनाए जाने को प्रस्तावित किया है। इस पुल को आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना बनाया जाएगा।

150 साल पुराना हो चुका है रेल ब्रिज 


फिलहाल जो रेलवे पुल है, जिससे ट्रेन (train) गुजर रही है, वह 150 साल के करीब पुराना हो चुका है। इस रेलवे पुल का निर्माण 1865 में हुआ था जो कि अब 150 साल पूरे कर चुका है। आने वाले 30 से 40 साल के लिए रिक्वायरमेंट को देखते हुए अब नया विकल्प तलाशा जा रहा है। नया पुल रामबाग से शुरू होकर नैनी के शूआउट्स तक बनाया जाएगा। पुल की लंबाई डेढ़ किलोमीटर से भी ज्यादा होगी। इस पुल के बन जाने से दिल्ली-हावड़ा के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। 

किस तकनीक के साथ बनाया जाएगा पुल 


रेलवे के इस पुल (Railway Bridge) को विशेष तकनीक के साथ बनाया जाएगा। यह पुल जम्मू कश्मीर के प्रसिद्ध चिनाब रेलवे पुल की तर्ज पर 8 से 9 मेग्नीट्यूड के भूकंप की तीव्रता को भी झेल सके और चक्रवर्ती तूफान और भीषण विस्फोट में भी कुछ ना बिगड़े, ऐसे बनाया जाएगा। इसमें सीस्मिक अरेस्ट हर खंबे पर लगाए जाएंगे जो भूकंप के झटकों को सहन कर सकेंगे।

30 साल तक इस पर किसी मरम्मत की भी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। रेलवे की ओर से इसको तेज गति से होने वाले कामों में शामिल किया गया है यानी कि अंब्रेला वर्क में इसको रखा गया है। लक्ष्य रखा गया है कि 2031 के कुंभ तक इसको बना दिया जाए ताकि भारी भीड़ और अधिक ट्रेनों का संचालन बिना बाधा के संभव हो जाए।