Railway News : सपना होगा साकार, इस दिन तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

Railway News - लोगों का सपना जल्द साकार होने वाला है। दरअसल आपको बता दें कि ये ट्रेन परियोजना अगले वर्ष पूरी हो जाएगी और पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त, 2027 को दौड़ेगी। यह परियोजना राज्य में आधुनिक और तेज़ रेल सेवा की शुरुआत करेगी, जिससे यात्रा समय कम होगा और रेल परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Railway News) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के गृह राज्य गुजरात को केंद्रीय बजट में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर (Rail infrastructure in the Union Budget) के लिए 29 गुना अधिक धनराशि मिली है। भारतीय रेलवे में इस रिकॉर्ड आवंटन से विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

गुजरात के रेल बजट में 17,366 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आवंटन किया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnav) ने पहले ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के परिचालन की तारीख घोषित की है। पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त, 2027 को चलेगी। 2027 गुजरात के लिए चुनावी साल भी है, इसी वर्ष विधानसभा चुनाव (assembly elections) होने हैं।


गुजरात को रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मिले 17,366 करोड़-
रेलवे ने बताया है कि बजट (Budget) में मिली 29 गुना धनराशि कहां खर्च की जाएगी। यह राशि मुख्य रूप से सुरक्षा, बुलेट ट्रेन और आधुनिक स्टेशनों पर खर्च होकर गुजरात में रेल परिवहन (rail transport) के नए युग की शुरुआत करेगी। गुजरात को कुल 17,366 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है।

यह धनराशि साल 2009-14 के मुकाबले 29 गुना है। तब गुजरात के लिए औसत वार्षिक रेल बजट आवंटन 589 करोड़ रुपये था, जो अब 2026-27 में बढ़कर 17,366 करोड़ रुपये हो गया है। रेलवे के अनुसार गुजरात में वर्तमान में 1,28,748 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइनों का निर्माण (construction of new railway lines), स्टेशनों का पुनर्विकास तथा प्रमुख सुरक्षा उन्नयन शामिल हैं।

गुजरात में रेल नेटवर्क सुधार पर जोर-
पश्चिम रेलवे के अनुसार, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) के तहत पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और पंजाब को जोड़ता है। सूरत में पूर्वी और पश्चिमी कॉरिडोर को जोड़कर एक प्रमुख जंक्शन विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर गुजरात के पश्चिमी तट (west coast of gujarat) के बंदरगाहों को देश के विभिन्न राज्यों से जोड़ेगा और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान (rajasthan), हरियाणा व उत्तर प्रदेश को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

100 प्रतिशत इलेक्ट्रीफिकेशन-

गुजरात ने 100% रेल विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। राज्य में 87 स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (हाई-स्पीड रेल) परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। दूसरी सुरंग की ब्रेकथ्रू प्रक्रिया (breakthrough process) जल्द पूरी होगी और व्यावसायिक संचालन अगले वर्ष शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा अमृत स्टेशन योजना के तहत गुजरात के 87 रेलवे स्टेशनों को 6,058 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक पुनर्विकास हेतु चिन्हित किया गया है। इनमें से 19 स्टेशनों- सामाख्याली, डाकोर, हापा, जाम जोधपुर, मोरबी, ओखा, पालीताना और पोरबंदर सहित का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे यात्री सुविधाओं और स्टेशनों की सौंदर्यात्मक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

अभी चल रही 6 वंदे भारत ट्रेनें-

गुजरात में वर्तमान में 6 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें परिचालित हैं। इसके अलावा, राज्य में 1 अमृत भारत एक्सप्रेस और 1 नमो भारत एक्सप्रेस ट्रेन भी है। 2014 के बाद गुजरात के रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। लगभग 2,900 किलोमीटर नई रेलवे लाइनें बिछाई गई हैं, जो कई यूरोपीय देशों के कुल नेटवर्क से अधिक हैं। राज्य के 4,005 किलोमीटर रेल मार्गों का 100% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिससे हरित और ऊर्जा-कुशल संचालन सुनिश्चित हुआ है।


राज्य में 1,177 फ्लाईओवर का निर्माण पूरा-

रेलवे के अनुसार, लेवल क्रॉसिंग खत्म करने के लिए 1,177 फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे सुरक्षा बढ़ी और सड़क-रेल यातायात सुगम हुआ। रेल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारतीय रेलवे गुजरात में स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम भी लागू कर रहा है।

स्वीकृत 1,842 रूट किलोमीटर में से 96 रूट किलोमीटर पर ‘कवच’ प्रणाली पहले ही स्थापित हो चुकी है, जबकि 1,674 रूट किलोमीटर पर कार्य जारी है। यह रेल सुरक्षा मानकों में महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाता है।