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19 से 25 अक्टूबर तक मनाया जाएगा राखीगढ़ी महोत्सव, देश विदेश के वैज्ञानिक और इतिहासकार खोलेंगे हिस्ट्री की परत

हरियाणा के राखीगढ़ी में हड़प्पा कालीन सभ्यताके इतिहास को दुनिया के सामने रखा जाएगा। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 19 से 25 अक्टूबर 2026 तक राखीगढ़ी महोत्सव मनाया जाएगा। इस पांच दिवसीय महोत्सव के दौरान इतिहास, संस्कृति और विरासत पर शोध के माध्यम से समझने पर जोर दिया जाएगा। 

 

HR Breaking News (Rakhigarhi News) हड़प्पा कालीन सभ्यता को अब दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। 22 से 24 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में राखीगढ़ी की चर्चा होगी। राखीगढ़ी महोत्सव मनाया जा रहा है, ताकि यहां के इतिहास के बारे में वैज्ञानिक और इतिहासकार अपने खोज को दुनिया के सामने रख सके। महोत्सव के दौरान 3 दिन अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। 

 

 

विशेषज्ञों का होगा जुटान  (rakhigarhi News update)


राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान विशेषज्ञों का जुटान राखीगढ़ी (Rakhi Garhi sabhyata) में होगा। यहां शोध कर चुके देश-विदेश से आए पुरातत्व और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ जुटेंगे। कुछ ऑनलाइन माध्यम से जुटेंगे तो कुछ धरातल पर आकर अपनी बात को रखेंगे। विदेश में बैठे ज्यादातर शोधकर्ता ऑनलाइन माध्यम से कांफ्रेंस का हिस्सा बनेंगे, जिसका प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से भी किया जाएगा। 

 


तथ्यों और वैज्ञानिक आधार से समझा जाएगा राखीगढ़ी का इतिहास (Harappa ki sabhyata)


पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के उपनिदेशक डॉक्टर नरेंद्र परमार की तरफ से कहा गया है कि राखीगढ़ी महोत्सव के दौरान कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राखीगढ़ी के ऐतिहासिक गौरव के साथ-साथ राखीगढ़ी के इतिहास की वैज्ञानिक तथ्यों और शोध के आधार पर समझने की कोशिश की जाएगी। देखा जाएगा कि यहां नगर नियोजन, कृषि व्यवस्था, पशुपालन, रहन सहन, तकनीक और व्यापार और आसपास के जल ग्रहण क्षेत्र यानी कैचमेंट एरिया कैसे थे। 

 

महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे, जिससे पता चलेगा कि हजारों साल पहले राखीगढ़ी में रहने वाले लोगों का जीवन कैसा था और उनकी सामाजिक आर्थिक व्यवस्था किस प्रकार की रही होगी। 


हर चीज पर होगी पड़ताल 


इस दौरान कृषि से संबंधित विषयों के साथ-साथ बाकी विषय पर भी पड़ताल की जाएगी। इसमें डीएनए से जुड़े विषय भी शामिल होंगे, जिसके माध्यम से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि समाज में खेती और पशुपालन की क्या भूमिका थी और किन संसाधनों का इस्तेमाल करके उनकी जीवन शैली किन परिस्थितियों में विकसित हुई थी। 


साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी चर्चा 


राखीगढ़ी में बहुत सारे पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर ही इस दौरान चर्चा की जाएगी। यहां पर नगर की व्यवस्था कैसी थी। आर्थिक गतिविधि व सामाजिक जीवन को इन गतिविधियों के माध्यम से समझने की कोशिश की जाएगी। विशेषज्ञों के बीच होने वाले मंथन राखीगढ़ी के अतीत को नए सवालों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाने का काम करेंगे।