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Rapid Rail : उत्तर प्रदेश से कनेक्ट होगा राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से गुजरेगी नई रेवले लाइन

RRTS New Project : अब उत्तर प्रदेश को राजस्थान से सीधा जोड़ा जाएगा। यूपी से राजस्थान तक नई रैपिड रेल चलेगी। रैपिड रेल के माध्यम से यूपी से राजस्थान तक का सफर आसान हो जाएगा। दिल्ली और हरियाणा के इलाकों से नई रैपिड रेल चलेगी। 

 

HR Breaking News : (RRTS Namo Bharat Train) उत्तर प्रदेश से दिल्ली तक नई रेलवे लाइन बिछाई जा चुकी है। यह नई रेलवे लाइन रैपिड रेल और मेट्रो को रूट प्रदान करेगी। अब देशभर में ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। अब 35000 करोड़ रुपए से रैपिड रेल का निर्माण किया जाएगा। चलिए जानते हैं रैपिड मेट्रो के विस्तार के बारे में। 

 

 

आधा काम हो चुका पूरा

 


नई रैपिड रेलवे लाइन को लेकर कार्य चल रहा है। अभी तक एनसीआरटीसी के अनुसार, आरआरटीएस नमोभारत (RRTS NamoBharat) की पहली लाइन को आधे से ज्यादा काम हो गया है। अब तक के आधे रूट को लेकर फिनशिंग का काम चल रहा है। इस लाइन को सीआरएस (commission of railway safety) से स्‍वीकृत मिल गई है। आधे रूट पर ट्रेन पूरी तरह से दौड़ने लिए अब तैयार हो चुकी हैं। 

 

कहां से कहां तक चलेगी ट्रेन


अब तक के बने रूट के अनुसार रैपिड रेल का संचालन सराय काले खां से मोदीपुरम तक चालू कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह काम तय समय के अंदर पूरा किया गया है। रैपिड रेल को लेकर प्रोजेक्ट का काम 2019 जून में शुरू किया गया था और जून 2025 में काम लगभग पूरा हो चुका है। इन रेपिड रेलों के निर्माण से इस रूट पर सफर 55 मिनट में पूरा कर लेंगे।


बाकी शहरों में भी लागू होगी व्यवस्था


आरआरटीएस नमोभारत (RRTS NamoBharat) को देश के अन्य शहरों में भी अपनाया जाने वाला है। एनसीआरटीसी किसी भी शहर में नई लाइन बिछाने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। एनसीआरटीसी सराय काले खां से मोदीपुरम तक तकरीबन 82 किमी लंबा आरआरटीएस नमोभारत का ट्रैक तैयार कर चुकी है। न्‍यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक नमोभारत ट्रेन पटरी पर दौड़ती है।


राजस्थान से लेकर केंद्र सरकार कर रही खर्च


सराय काले खां से शाहजहांपुर-बहरोर तक डीपीआर तैयार हो गई है। ये प्रोजेक्ट (Rapid Rail project)105 किलोमीटर लंबा होने वाला है। इस पर 35,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमे आने वाले खर्च को  भारत सरकार और दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान की राज्य सरकारें मिलकर उठाएंगी।

भारत सरकार 6,500 करोड़ रुपये, दिल्ली सरकार 1,900 करोड़ रुपये, हरियाणा सरकार 4,400 करोड़ रुपये और राजस्थान सरकार 80 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। 19,000 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से लोन (Loans from international financial institutions) के रूप में हासिल किया जाएगा। 

यह होगा रैपिड रेल का रूट


एनसीआरटीसी की ओर से रास्ते, स्टेशनों और तकनीकी बदलाव की डीपीआर तैयार कर ली गई है। दिल्ली से गुरुग्राम तक का यह रूट होगा। इससे पहली परियोजना में नमो भारत ट्रेन पुराने दिल्ली-गुरुग्राम रोड (Delhi-Gurugram Road) से जाने वाली थी, लेकिन अब यह बदलाव के बाद एयरोसिटी से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के साथ चलेगी।

एयरोसिटी से रास्ता एनएच 48 के दाहिनी ओर भूमिगत और साइबर सिटी में स्टेशन बनेगा। वहीं, इसके बाद रास्ता एनएच 48 के बाईं ओर ऊंचा होगा और इफको चौक व सिग्नेचर चौक से होकर गुजरने वाला है। नई रैपिड ट्रेन का रूट उत्तर प्रदेश से राजस्थान तक का हो जाएगा।