Delhi-NCR के 8 शहरों में चलेगी रैपिड रेल, रूट हुआ फाइनल
Delhi-NCR - दिल्ली-एनसीआर के आठ प्रमुख शहरों में रैपिड रेल सेवा शुरू होने जा रही है। एनसीआरटीसी ने इसके रूट को अंतिम रूप दे दिया है, जिनके जरिए आठ प्रमुख शहर आपस में जुड़ेंगे। इसका उद्देश्य सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करना और क्षेत्रीय आवागमन को आधुनिक, सुरक्षित व समयबद्ध बनाना है... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi-NCR) दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम से राहत और सफर को तेज बनाने के लिए रैपिड रेल कॉरिडोर का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। एनसीआरटीसी चार बड़े रैपिड रेल कॉरिडोर (rapid rail corridor) विकसित करने की योजना पर काम कर रही है, जिनके जरिए आठ प्रमुख शहर आपस में जुड़ेंगे। इसका उद्देश्य सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करना और क्षेत्रीय आवागमन को आधुनिक, सुरक्षित व समयबद्ध बनाना है।
नोएडा-गुरुग्राम रैपिड रेल के लिए डीपीआर तैयार-
नोएडा और गुरुग्राम के बीच रैपिड रेल परियोजना में एक बड़ा कदम बढ़ाया गया है। एनसीआरटीसी ने गुरुग्राम के इफको चौक से ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर तक हाईस्पीड रैपिड रेल (highspeed rapid rail) की डीपीआर हरियाणा सरकार को सौंप दी है। इसे दिल्ली-एनसीआर में भविष्य के हाईस्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की रीढ़ माना जा रहा है।
फरीदाबाद बाटा चौक से होकर गुजरेगा मुख्य रूट-
प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर गुरुग्राम के सेक्टर-54 से शुरू होकर फरीदाबाद के बाटा चौक से होकर गुजरेगा। इसके बाद यह सेक्टर-85/86 के रास्ते नोएडा के सेक्टर-142 से 168 और अंततः सूरजपुर तक पहुंचेगा। पूरे रूट पर कुल छह स्टेशन प्रस्तावित हैं, जो कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों को सीधे जोड़ेंगे।
15 हजार करोड़ की लागत वाला हरियाणा का तीसरा नमो भारत प्रोजेक्ट-
गुरुग्राम-नोएडा रैपिड रेल कॉरिडोर पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। यह हरियाणा से गुजरने वाला तीसरा ‘नमो भारत’ रैपिड रेल प्रोजेक्ट होगा। इससे राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और रोजगार, रियल एस्टेट (real estate) तथा औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-बावल रूट पर भी तैयारी-
दिल्ली-गुरुग्राम-मानेसर-बावल और दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल कॉरिडोर (Delhi-Panipat-Karnal Rapid Rail Corridor) पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन दोनों परियोजनाओं को केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है। दिल्ली-बावल रूट की अनुमानित लागत 32 हजार करोड़ रुपये और दिल्ली-करनाल रूट (Delhi-Karnal Route) की लागत करीब 33 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है।
सराय काले खां बनेगा रैपिड रेल का प्रमुख हब-
इन दोनों प्रमुख रैपिड रेल कॉरिडोर (rapid rail corridor) की शुरुआत संभवतः सराय काले खां से होगी, जो पहले से दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल का अहम प्वाइंट है। सराय काले खां को एनसीआर का सबसे बड़ा रैपिड रेल जंक्शन (rapid rail junction) बनाने की योजना है, जिससे विभिन्न दिशाओं में हाईस्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी।
गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की योजना-
केंद्र सरकार (Central Government) और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गाजियाबाद या सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक रैपिड रेल कनेक्टिविटी विकसित कर रही हैं। इस कॉरिडोर में सूरजपुर स्टेशन प्रस्तावित है, जिससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) को दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शहरों से तेज़ और सीधा संपर्क मिलेगा।
|सफर होगा बेहद तेज़, ट्रैफिक जाम से मिलेगा निजात-
रैपिड रेल (rapid rail) के शुरू होने के बाद इफको चौक से फरीदाबाद का सफर मात्र 22 मिनट में और इफको चौक से नोएडा सिर्फ 38 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा (Delhi-Noida) और अन्य सीमा क्षेत्रों में होने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।
एलिवेटेड या अंडरग्राउंड रूट पर विचार जारी-
एनसीआरटीसी गुरुग्राम में रैपिड रेल को एलिवेटेड बनाने (Elevating the Rapid Rail) के पक्ष में है, जबकि हरियाणा सरकार अंडरग्राउंड रूट को प्राथमिकता दे रही है। हरियाणा सरकार का तर्क है कि एलिवेटेड कॉरिडोर भविष्य के विकास में बाधा बन सकता है। इस मुद्दे पर एनसीआरटीसी, हरियाणा सरकार (Haryana Government) और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच जल्द ही महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।