दो बार भूकंप से कांपी धरती, अलग-अलग समय पर झटके किए गए महसूस

earthquake :भूकंप के झटकों के कारण लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके लगातार आते रहते हैं। एक बार फिर से दो जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। चलिए जानते हैं भूकंप के केंद्र और इंटेंशिटी के बारे में-
 

HR Breaking News (Earthquake) भूकंप के झटके 15 जनवरी को एक बार फिर से महसूस किए गए हैं। देश के अलग अलग हिस्सों में लगभग रोजाना ही भूकंप आते रहते हैं। हाल ही में तीन के मेगनीट्यूड का भूकंप जम्मू कश्मीर के बारामूला में आया है। भूकंप के झटके काफी दूर तक महसूस किए गए हैं। चलिए जानते हैं डिटेल में

 


जम्मू कश्मीर में आया शाम को भूकंप


जम्मू कश्मीर के Baramulla में 3.0 के मेग्निट्यूड का भूकंप आया है। भूकंप आने आ सही समय 7:10:18 रहा है। वहीं, भूकंप की एग्जेक्ट लोकेशन Lat, Long    34.13, 74.59 डिग्री रही है। भूकंप के झटके भूमि के 5km नीचे दर्ज किए गए हैं। भूकंप का केंद्र जोन 5 में रहा है और आसपास के कुछ ही इलाकों में इसका असर रहा है। 

 

अरुणाचल प्रदेश में भी आया भूकंप


वहीं, जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir News) से तेज मैग्नीट्यूड का भूकंप अरुणाचल प्रदेश में आया है। यह भूकंप 3.7 की तीव्रता का रहा है। भूकंप का केंद्र Dibang Valley, Arunachal Pradesh रहा है। भूकंप दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर आया है। भूकंप की डेप्थ 10 किलोमीटर नीचे रही है। इस भूकंप की इंटेंशिटी भी ज्यादा रही है। दूसरे देश तक भूकंप का कंपन रहा है। बता दें कि अरूणाचल प्रदेश भूकंप के मामले में संवेदनशील माना जाता है। यह जोन पांच में आता है। 

एक दिन पहले हरियाणा में भी आया भूकंप


14 जनवरी को हरियाणा (Haryana me Bhookamp) में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हरियाणा के सोनीपत जिले में भूकंप का केंद्र रहा है। इस भूकंप की तीव्रता को दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक महसूस किया गया है। कल हरियाणा के सोनीपत में आए भूकंप का मेग्नीट्यूड 3.4 रहा है। यह कल 12:49:39 पर आया था। दोपहर के समय आए इस भूकंप की हलचल धरती के 5km नीचे मिला। 


क्यों आता है भूकंप


भूकंप (Earthquake) आने का प्रमुख कारण टेक्टोनिक प्लेट हैं। धरती के नीचे विशाल टूकड़े हैं, जिनपर धरती टिकी हुई है। यह तरल पर तैरती रहती हैं, जब भी ये प्लेट आपस में टकराती हैं तो धरती में कंपन महसूस होती है, जिसे भूकंप कहा जाता है। दो प्लेटों के बीच की दरार को फोल्ट लाइन कहा जाता है।