UP वासियों की वर्षों पूरानी मांग हुई पूरी, नई रेलवे लाइन को मिली मंजूरी

UP railway line project : योगी सरकार की ओर से प्रदेश में रेलवे की कनेक्टविटी को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाने की तैयारी चल रही है। अब हाल ही में यूपीवालों की वर्षों पूरानी मांग सरकार की ओर से स्वीकार कर ली गई है। सरकार ने प्रदेश में नई रेलवे लाइन (UP Railway Projects) को बिछाने को लेकर मंजूरी दे दी है। इससे प्रदेश के कई इलाके रेलवे लाइन से जुड़ जाएंगे और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
 

HR Breaking News (railway line project) नए साल के मौके पर यूपी वासियों को नई रेलवे लाइन (Rail Line In UP) की सौगात मिलने वाली है। हाल ही में योगी सरकार की ओर से प्रदेश वासियों की सालों पूरानी मांग को स्वीकार कर लिया गया है। अब प्रदेश में इस नई रेलवे लाइन के बिछाए जाने से क्षेत्रीय विकास को गति मिलने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आइए खबर में जानते हैं कि ये रेलवे लाइन कहां बिछाए जाएगी। 


कहां से कहां तक बिछेगी ये रेलवे लाइन 


केंद्र सरकार की ओर से यूपी (UP News) में हरदोई से गुरसहायगंज होकर सांडी वाया प्रस्तावित नई रेलवे लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 1302 करोड़ आंकी गई है और इस बजट से बिछाई जाने वाली इस रेल लाइन (UP new railway line project) से हरदोई और कन्नौज जिले सीधे रेल कनेक्टिविटी से जुड़ सकेंगे। इससे क्षेत्र में आवागमन आसान होगा। 


कितने सालों से जनता कर रही थी मांग 


प्रदेश में इस रेल लाइन प्रोजेक्ट (railway line project in UP) को लेकर जनता पिछले 20 वर्षों से मांग कर रही है। इस रेल परियोजना के लिए सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति की ओर से लगातार आंदोलन किया गया। इस दौरान कस्बा स्तर से लेकर लखनऊ और दिल्ली के जंतर-मंतर तक धरना-प्रदर्शन किए गए है। इस दौरान बहुत से मेमोरेंडम प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्रालय को ट्रांस्फर किए गए। लंबे संघर्ष और जनदबाव के बाद अब जाकर सरकार ने इस रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। 

 

रेल मंत्रालय ने किया इतना बजट प्रस्तावित 


शुरुआत में तो इस रेल प्रोजेक्ट की लंबाई (length of rail project) 59.30 किलोमीटर निर्धारित की गई थी, लेकिन साल 2023 में इसे बढ़ाकर 63।70 किलोमीटर किया गया और प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत भी 1481 करोड़ रुपये के आस-पास हो गई, जिसे फाइनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में जोड़ा गया। हालांकि, रेल मंत्रालय की ओर से 1302 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।

रेलवे बोर्ड ने सर्वे के लिए इतनी राशि की जारी 


बता दें कि प्रदेश में इस नई रेल लाइन (UP new rail line) को उत्तर रेलवे की पिंक बुक में साल 2019-20 से शामिल किया जाता रहा है। सिर्फ इतना ही नहीं, 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के रेल बजट में भी इसे जरूरी प्रोजेक्ट के रूप में रिकॉर्ड किया गया है। इस परियोजना के लिए साल 2021 में दिल्ली की ट्रांसलिक कंपनी द्वारा ड्रोन से फाइनल सर्वे किया गया था, जिसके लिए रेलवे बोर्ड ने 74 लाख रुपये की राशि जारी की थी। इसके साथ ही जनवरी 2022 में हरदोई से गुरसहायगंज तक कई ग्राम सीमांकन पोल लगाकर रेल रूट को भी तय किया गया। 

 

नई रेल लाइन पर बनेंगे ये नए स्टेशन 


बता दें कि इस नई रेल लाइन पर कई स्टेशन (Stations on the new railway line) प्रस्तावित किए गए हैं। इन स्टेशन में हरदोई करना, हरदोई ब्लॉक हट, कुतवापुर, पिंडारी, सांडी, भदार, सिया, चचासांडा और गुरसहायगंज का नाम शामिल है। इन स्टेशनों के निर्माण से ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति (Sandi Rail Lao Sangharsh Samiti)  के अध्यक्ष का कहना है कि आरटीआई से जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार सर्वे में प्रोजेक्ट की लंबाई और लागत में इजाफ किया गया है। अब केंद्रीय सरकार की ओर से मंजूरी मिलने के बाद लोग इसी आस में हैं कि जल्द ही बहुप्रतीक्षित रेल लाइन बनाई जाएगी।