Delhi-Dehradun Expressway पर यात्रा करने के लिए करना पड़ेगा लंबा इंतजार, वजह आई सामने 

Delhi Expressway Update : दिल्ली को देश के अन्य राज्यों के साथ जोड़ने के लिए नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। राजधानी में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक के बाद एक एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। इसी कड़ी राजधानी से देहरादून के बीच नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। यह एकस्प्रेसवे अभी वाहनों के लिए चालू नहीं हुआ है। दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) पर सफर करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं। 

 

HR Breaking News - (new expressway)। देश की राजधानी दिल्ली में कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। राजधानी में एक के बाद एक नए-नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। राष्‍ट्रीय राजधानी से देहरादून के बीच सफर को आसान बनाने के लिए दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। 


हाल ही में बड़ी खबर सामने आई है कि अभी यातायात के लिए इस एक्सप्रेसवे को नहीं खोला जाएगा। जुलाई में राज्यसभा में दिए गए एक उत्तर में सरकार की ओर से कहा गया था कि यह अक्टूबर 2025 तक दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया। एक रिपोर्ट के अनुसार, अब इसे फरवरी, 2026 में खोला जाएगा। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के निर्देश के बाद नया लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें कहा गया कि परियोजना का उद्घाटन तभी किया जाए जब इसके सभी चरण पूरी तरह तैयार हों। 


2 घंटे में होगा 6 घंटे का सफर - 

दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) की कुल लंबाई 210 किलोमीटर है। इसके बनने से दोनों शहरों के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद दिल्‍ली से देहरादून की दूरी 6 घंटे की बजाए 2 घंटे में पूरी की जा सकेगी। बता दें कि इस एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए 11,868.6 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं।

दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे उत्तर भारत की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक है। इस एक्सप्रेसवे को सबसे पहले दिसंबर 2024 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्माण में आई तकनीकी रुकावटों और पर्यावरणीय चुनौतियों की वजह से इसे बनकर तैयार होने में समय लगा।  यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर से होता हुआ देहरादून तक जाएगा। 


देरी होने में यह है असल वजह ?


राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि, दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) को बनाने में हुई देरी की असल वजह मानसून रहा है। दरअसल, इस बार मानसून की तगड़ी बारिश होने के चलते नदी में बाढ़ आ गई थी, जिसके चलते सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े काम रोकने पड़े। खासतौर पर देहरादून के दात काली मंदिर क्षेत्र में ढलान सुरक्षा, मोबाइल टावरों की स्थापना और फिनिशिंग टनल का काम अभी बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी काम नवंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। 


एक्सप्रेसवे का निर्माण चार चरणों में हो रहा पूरा - 


पहला चरण -  अक्षरधाम से खेकरा (बागपत) तक फैला है. छह महीने पहले ही पूरा हो चुका है. 8 सितंबर को जब दिल्ली में स्थानीय बाढ़ आई थी, तो कई दोपहिया सवारों ने ट्रैफिक से बचने के लिए खुद ही बैरियर हटाकर इस एक्सप्रेसवे (New Expressway) से गुजरना शुरू कर दिया था।

दूसरा चरण  - बागपत से सहारनपुर तक है जो लगभग पूरा हो चुका है, बस कुछ हिस्सों में अंतिम टच का काम चल रहा है।

तीसरा चरण - सहारनपुर बाइपास से गणेशपुर तक पुराने हिस्से को चौड़ा किया जा रहा है, जो अब उन्नत स्तर पर है।

चौथा  -  इस खंड में देहरादून के ऊंचे हिस्से (elevated section) पर सुरक्षा और फिनिशिंग का काम अभी जारी है।


दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे खासियत -


दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। यह एशिया का सबसे लंबा ऐसा एलिवेटेड सेक्शन (Longest elevated section) होगा, जिसे पर्यावरण के अनुकूल ढंग से बनाया जा रहा है।

यहां छह एनिमल अंडरपास तैयार किए जा रहे हैं ताकि वन्यजीवों की आवाजाही में कोई बाधा न आए। एक्सप्रेसवे में 100 से ज्यादा अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज, और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway), ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, हरिद्वार और रुड़की को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों से सीधा संपर्क शामिल है।