8th Pay Commission में होंगे ये 5 प्रमुख बदलाव, 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा असर

8th Pay Commission - आठवें वेतन आयोग में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 5 बड़े बदलाव किए जाने की संभावना है। इस फैसले का असर करीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) और पेंशनर्स पर पड़ सकता है। आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद वेतन संरचना, महंगाई भत्ता और भत्तों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन आयोग हमेशा चर्चा का केंद्र रहा है। सातवें वेतन आयोग की 10 साल की अवधि 31 दिसंबर 2025 को पूरी हो रही है, और अब सभी की निगाहें आठवें वेतन आयोग पर हैं। सवाल यह उठता है कि क्या 1 जनवरी 2026 से नया आयोग लागू (new pay commission) होगा। हालांकि, वित्त राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

मुख्य बदलाव और इसके परिणाम-

सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (7th pay commission) की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। इसने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की सैलरी संरचना (Salary Structure of Pensioners) में बड़े बदलाव किए। मिनिमम वेतन 18,000 रुपये, मैक्सिमम वेतन 2,25,000 रुपये निर्धारित किया गया, जबकि कैबिनेट सचिव का वेतन 2,50,000 रुपये रखा गया था।

सबसे बड़ा बदलाव पे मैट्रिक्स सिस्टम (pay matrix sysytem) का था, जिसने पुराने ग्रेड पे सिस्टम को बदलकर कर्मचारियों के पद के अनुसार लेवल आधारित वेतन तय किया। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) लागू किया गया, जिससे सैलरी की गणना सरल, पारदर्शी और आसानी से समझने योग्य बन गई।

HRA और सैलरी एडवांस को लेकर सुधार-

 बता दें कि भत्तों की संख्या कम कर दी गई है। पुराने 52 भत्तों में से 16 को समाप्त कर 36 भत्तों को नए वेतन ढांचे में शामिल किया गया। जोखिम और कठिनाई भत्तों को नौ-लेवल मैट्रिक्स (Nine-Level Matrix) में बांटा गया। हाउस रेंट अलाउंस (HRA) शहरों के वर्ग के अनुसार 24%, 16% और 8% तय किया गया, जिसमें महंगाई भत्ते के आधार पर बदलाव की संभावना रखी गई है। एडवांस सुविधाओं में भी कटौती की गई है; अब केवल पर्सनल कंप्यूटर एडवांस (PCA) और हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) ही जारी रहेंगे, जबकि HBA की सीमा 25 लाख रुपये कर दी गई है।

Gratuity और मेडिकल सुविधाएं -

रिटायर कर्मचारियों के लिए पेंशन कैलकुलेशन (pension calculation) का नया तरीका लागू किया गया है। ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपये तय की गई है, जो महंगाई भत्ते बढ़ने पर 25% तक बढ़ सकती है। इसके साथ स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार (improvement in health facilities) हुआ है और हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम (Health Insurance Scheme) की शुरुआत के जरिए CGHS कवरेज अब पेंशनभोगियों तक विस्तारित किया गया है।

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Chaudhary) ने स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग का 1 जनवरी 2026 से लागू होने का कोई फैसला अभी नहीं हुआ है। आमतौर पर आयोग की रिपोर्ट तैयार होने में लगभग 18 महीने का समय लगता है। इसलिए कर्मचारियों (employees) और पेंशनभोगियों (pensioners) को रिपोर्ट के आने तक इंतजार करना होगा।