Property के मामले में छा गए ये 6 शहर, दिल्ली एनसीआर को भी पछाड़ा

Property News : देश के कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। कई ऐसे शहर भी है जहां प्रॉपर्टी की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गई है। चलिए खबर के माध्यम से जानते हैं उन 6 शहरों के बारे में जिन्होंने प्रॉपर्टी की बढ़ रही कीमतों के मामले में दिल्ली एनसीआर को भी पीछे छोड़ दिया है।
 

HR Breaking News : (Property Rates) पिछले कई सालों से प्रॉपर्टी की कीमत काफी ज्यादा बढ़ रही है। रियल एस्टेट सेक्टर में हो रही इस ग्रोथ को देखते हुए खुद का घर खरीदना काफी मुश्किल होता जा रहा है। बात की जाए यूपी की तो यहां भी प्रॉपर्टी के मामले में टियर 2 और टियर 3 काफी तेजी से ग्रोथ (Real Estates Sector) के रहे हैं। यूपी के इन दो शहरों ने एनसीआर को भी पीछे छोड़ दिया है। 


रेरा के आंकड़ों के मुताबिक पता चला है कि भविष्य में एनसीआर का नहीं बल्कि छोटे समझे जाने वाले इन शहरों का है। चेक किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल में उत्तर प्रदेश (Property Rates In UP) में कुल 68 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 308 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। जिनमें से 186 प्राजेक्ट गैर-एनसीआर जिलों में दर्ज हुए हैं। 


यूपी रेरा की तरफ से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, पिछलें साल रियल एस्टेट सेक्टर में 68,328 करोड़ रुपये का निवेश हुआ जोकि उससे पिछलें साल के अनुसार मुकाबले काफी ज्यादा है। गौतमबुद्ध नगर एक बार फिर प्रदेश का सबसे बड़ा रियल एस्टेट हब बनकर उभरा है। गौतमबुद्ध नगर में 69 परियोजनाओं में 37,199 आवासीय यूनिट्स बनेंगे और करीब 37,161 करोड़ रुपये का निवेश होगा। 


नोएडा (Noida News) की खास एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, कमर्शियल-रेजिडेंशियल मिक्स और मजबूत डिमांड ने इस जिले को निवेशकों की पहली पसंद बनाए रखा है। हालांकि, इस बार नॉन-एनसीआर इलाकों ने बाजी मार ली है, जिसमें लखनऊ, मथुरा, बरेली और आगरा जैसे शहर शामिल हैं। 
 

 

 

इन शहरों में हुआ निवेश


पिछलें साल के आंकड़ों के मुताबिक, एनसीआर से बाहर निवेश (Best Place For Invest In Porperty) का दायरा बेहद स्पीड़ से बढ़ा है। 308 परियोजनाओं में से 186 प्रोजेक्ट एनसीआर से बाहर दर्ज हुए है। जिनमें प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, बरेली, आगरा और लखनऊ जैसे शहर अब नए ग्रोथ सेंटर्स के रूप में उपर आ रहे है। 
 

टाउनशिप नीति में किया गया बदलाव 


सरकार की तरफ से टाउनशिप नीति (Township Policy) में बड़ा बदलाव किया गया है जो इस तेजी की बड़ी वजह है। आपको बता दे की पिछलें काफी समय से रुकी परियोजनाओं को भी स्पीड़ मिली है। 


यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि उत्तर प्रदेश रेरा (Uttar Pradesh RERA) पर लोगों का भरोसा बढ़ा है, जिससे प्रोजेक्टों का पंजीकरण और निवेश बढ़ा है। उनका ध्यान संतुलित विकास, समय से प्रोजेक्ट पूरा कराने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा पर है। वर्ष 2025 में यूपी के रियल एस्टेट ने देश में एक नई पहचान बनाई है।


नए रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बने धार्मिक शहर 


मथुरा, वाराणसी, प्रयागराज  और अयोध्या ने भी रियल एस्टेट को मजबूत सहारा (New real estate destinations) दिया है। इन बड़े शहरों में भी प्रॉपर्टी की डिमांड काफी तेजी से हुआ है। इन शहरों में होटल, रेजिडेंशियल और मिक्स-यूज प्रोजेक्ट्स की मांग में काफी हुआ है। यहां प्रोजेक्टों की मंजूरी की संख्या इस प्रकार है।
 

मथुरा – 23 परियोजनाएं
वाराणसी – 9
प्रयागराज – 7
अयोध्या – 5


रियल एस्टेट एक्सपर्ट का इस पर क्या कहना...? 


काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी (Real estate experts) का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर निवेश का केंद्र बना हुआ है। जिसकी वजह मजबूत कनेक्टिविटी, टाउनशिप मॉडल और बुनियादी ढांचा है। इन वजहों से गौतमबुद्ध नगर सबसे पसंदीदा निवेश क्षेत्र बन गया है। अब यहां बड़े और मध्यम प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो रहे हैं, जिससे खरीदारों और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। लेकिन नोएडा से अलग, यूपी के अन्य शहरों में भी प्रॉपर्टी में तेजी देखने को मिल रही है।

एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर अब सिर्फ लॉन्च लोकेशन नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म ग्रोथ मार्केट है। यह ग्रोथ अब अन्य शहरों की ओर भी बढ़ रही है। पिछले एक साल में यहां परियोजनाओं का समय पर पंजीकरण और डिलीवरी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने वाला रहा है। 69 परियोजनाओं और बड़ी संख्या में आवासीय यूनिट्स यह दिखाती हैं कि यह जिला आने वाले सालों में भी यूपी के रियल एस्टेट के विकास (Real estate development in Uttar Pradesh) को रफ्तार पकड़ाएं रखेगा।


सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का का कहना है कि सरकार द्वारा किए गए टाउनशिप नीति में बदलाव ने छोटे और मीडियम डेवलपर्स के लिए नए रास्ते खोले हैं। अब परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट होने से प्रोजेक्ट्स लटकते नहीं हैं और निवेशकों का पैसा सेफ रहता है। यह बदलाव निवेशकों को आत्मविश्वास देता है कि यूपी में केवल रियल एस्टेट की स्पीड़ तेज  नही है बल्कि निवेश के लिए भरोसेमंद केन्द्र भी बन गया है। 


मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी ने कहा है कि गौतमबुद्ध नगर में 37 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश यह दिखाता है कि निवेशक इस जिले को सुरक्षित और लंबे समय के लिए अच्छा मान रहे हैं। एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और कमर्शियल-रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स का मेल इस बाजार (Property News) को मजबूत बनाता है।


अंसल हाउसिंग के डायरेक्टर कुशाग्र अंसल का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर उत्तर भारत के सबसे संतुलित और भरोसेमंद रियल एस्टेट बाजार के रूप में उभरा है। अच्छी प्लानिंग, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और समय पर प्रोजेक्ट पूरा होने से यह क्षेत्र निवेशकों और घर खरीदने वालों दोनों के लिए आकर्षक (UP News) बन गया है।