Haryana के इस जिले को मिली नई रेलवे लाइन की सौगात, 2,500 करोड़ रुपये होंगे खर्च 

New Railway Line : हरियाणा वालों के लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, राज्य में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सरकार अब नई रेलवे लाइन बिछाने की योजना बना रही है। इस रेलवे लाइन के बनने से लाखों लोगों को सीधा लाभ होगा। बता दें कि हरियाणा के इस जिले में यह नई रेलवे लाइन 55 सालों से लगातार उठाई जा रही मांग के बाद बनाई जाएगी। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं किस रूट पर नई रेलवे लाइन का विस्तार किया जाएगा। 

 

HR Breaking News - (New Railway Line in Haryana)। हरियाणा में रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। सरकार ने राज्य में नई रेलवे लाइन बनाने का ऐलान किया है। बता दें कि जिस जिले में यह नई रेलवे लाइन बनाई जाएगी वहां पहले से एक भी रेलवे लाइन (New Railway Line) मौजूद नहीं है। नई रेलवे लाइन के लिए हरियाणा के इस जिले में पिछले 55 सालों से मांग उठाई जा रही है। अब जाकर सरकार ने इस मांग को मान लिया है और नई रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी दे दी है। 


हरियाणा के इस जिले में बनेगी नई रेलवे लाइन -  

देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित हरियाणा (New Railway Line in Haryana) का नूंह जिला अब रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली–सोहना–नूंह–फिरोजपुर झिरका–अलवर तक नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। हरियाणा वालों के लिए यह परियोजना काफी खास रहने वाली है। इस रेलवे लाइन के बनने से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। इस रेलवे लाइन के बनने से सफर तो आसान होगा ही इसके साथ ही आसपास के इलाकों में जमीन के रेट भी तेजी से बढ़ेंगे। 


नई रेलवे लाइन बनाने में आएगा इतना खर्चा - 


इस परियोजना के लिए सरकार ने रेलवे को 2,500 करोड़ की राशि जारी की है। रेल मंत्रालय के अनुसार नई रेल लाइन की लंबाई 104 किलोमीटर होगी। इसपर सात नए रेलवे स्टेशन (new railway station) का भी निर्माण किया जाएगा। यह रेल मार्ग हरियाणा और राजस्थान, दोनों राज्यों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। मंत्रालय ने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है यानी साल 2028 तक इस रेलवे लाइन को चालू किया जाएगा। नूंह क्षेत्र की लगभग 55 साल पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। 


मेवात क्षेत्र के विकास को नई दिशा


साल 2005 में गुरुग्राम से अलग होकर मेवात नया जिला बना था। बाद में सरकार ने इसका नाम बदलकर नूंह कर दिया। अब तक यह जिला रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ा था, जिससे लोगों को आवागमन, रोजगार और उद्योग से जुड़ी सुविधाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। 


55 साल पहले से ही उठाई जा रही मांग -


बता दें कि इस रेल परियोजना की मांग सबसे पहले सन 1971 में गुरूग्राम के तत्कालीन सांसद चौधरी तैयब हुसैन ने संसद में रखी थी। इसके बाद भी कई बार यह प्रस्ताव दोहराया गया। हाल ही में भिवानी–महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह और गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल की थी। अंततः केन्द्र सरकार ने पिछले बजट में इसे औपचारिक मंजूरी दे दी है। 


दिल्ली तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत 


नई रेल लाइन (New Railway Line) के बनने से दिल्ली से अलवर के बीच सोहना, नूंह और फिरोजपुर झिरका के रास्ते सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे पहले से कहीं ज्यादा सफर आसान हो जाएगा। इसके साथ ही राज्य की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।