Rajasthan में जल्द पूरा होगा रेलवे का यह प्रोजेक्ट, 4 साल देरी से चल रहा काम
Rajasthan - राजस्थान को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाला ये रेल प्रोजेक्ट अब पूरा होने के करीब है। रेलवे ने अक्टूबर तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण यह प्रोजेक्ट करीब चार साल पीछे चल रहा है, जिसे अब तेजी से पूरा किया जा रहा है... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Rajasthan) राजस्थान को मध्यप्रदेश से सीधे जोड़ने वाला रामगंजमंडी-भोपाल रेल प्रोजेक्ट अब पूरा होने के करीब है। रेलवे के मुताबिक, इस बहुप्रतीक्षित रेललाइन (railwayline) का निर्माण अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कोटा रेल मंडल (Kota Railway Division) की ओर से राजस्थान सीमा तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि मध्यप्रदेश में भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मार्च तक ट्रायल रन के लिए खिलचीपुर से राजगढ़ (Khilchipur to Rajgarh), ब्यावरा और सोनकच्छ तक ट्रैक तैयार कर लिया जाएगा। करीब 3,035 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में भोपाल रेल मंडल के तहत खिलचीपुर–ब्यावरा सेक्शन (Khilchipur-Biaora section) का काम लगभग पूरा हो चुका है, जिसे मार्च तक अंतिम रूप देने की योजना है। वहीं, कोटा मंडल क्षेत्र में खिलचीपुर से आगे करीब 12 किमी तक पटरियां बिछ चुकी हैं और ब्यावरा-राजगढ़ सेक्शन (Biaora-Rajgarh section) में भी काम तेज़ी से जारी है।
अक्टूबर तक पूरा होगा रामगंजमंडी-भोपाल रेल प्रोजेक्ट-
- राजस्थान सीमा तक ट्रैक का काम पूरा
- मध्यप्रदेश में भूमि अधिग्रहण के बाद तेज हुआ निर्माण
- मार्च तक ट्रायल रन के लिए ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य
- 3035 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा प्रोजेक्ट
- पहले 2022 में पूरा होना था, अब 4 साल की देरी
यात्री और माल परिवहन को मिलेगा बड़ा फायदा-
रेलवे की योजना के मुताबिक, सोनकच्छ से नरसिंहगढ़ (Sonkatch to Narsinghgarh) और कुरावर तक का सेक्शन अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे पूरे रूट पर ट्रेन संचालन का रास्ता साफ हो जाएगा। मध्यप्रदेश में भूमि अधिग्रहण (Land acquisition in Madhya Pradesh) में देरी के चलते यह परियोजना करीब चार साल पीछे चल रही है। जो प्रोजेक्ट 2022 में पूरा होना था, अब उसके 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। नरसिंहगढ़ के एक हिस्से को छोड़कर ज्यादातर जगहों पर अर्थवर्क पूरा हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सों में ट्रैक बिछाने और विद्युतीकरण का काम जारी है।
इस नए रेलमार्ग पर रामगंजमंडी से खिलचीपुर (Ramganj Mandi to Khilchipur) के बाद मध्यप्रदेश में कुल छह स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें भोजपुर, राजगढ़, ब्यावरा जंक्शन, नरसिंहगढ़ और कुरावर शामिल हैं। आगे यह लाइन श्यामपुर होते हुए हिरदाराम नगर से जुड़ेगी और फिर भोपाल (bhopal) के मुख्य रेल मार्ग से कनेक्ट हो जाएगी। इस रूट के शुरू होने से राजस्थान (rajasthan) और मध्यप्रदेश के बीच यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।