Traffic Challan Scam : वाहन चालक हो जाएं सावधान, कुछ ही मिनट में खाली हो जाएगा आपका अकाउंट
HR Breaking News : (Traffic Challan Updates) आजकल बकाया ट्रैफिक चालान के मैसेज फोन में आ जाते हैं। अगर आप भी वाहन चालक है तो ऐसे में आपको सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि बदल रहे जमाने के साथ-साथ फर्जी वाडे के मामले भी लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।
फिलहाल फर्जी ट्रैफिक चालान (Fake traffic fines) के नाम पर लोगों के साथ फ्रॉड किया जा रहा है। जल्दबाजी का माहौल बनाकर लोगों को झांसी में फंसा लिया जाता है और फिर उनके खाते को खाली कर लिया जाता है। जी हां, व्हाट्सएप ईमेल या फिर संदेश के जरिए लिंक भेजे जाते हैं जिस पर क्लिक करने से बैंक खाता खाली हो जाता है।
लिंक पर क्लिक किया और खाता खाली-
हाल - फिलहाल में ही पूर्वी दिल्ली (Delhi News) के लक्ष्मी नगर का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को संदेश मिला कि उसका 1000 रूपये का ट्रैफिक चालान बकाया है जिसे आज की तारीख में भरने पर उसे कुछ छूट मिल सकती है। यही संदेश उनकी पत्नी के फोन पर भी एक अनजान नंबर से आया और उसने उसे भुगतान के लिंक पर क्लिक कर दिया। जहां से एक सफल का मैसेज देखने के बाद उनके खाते से तकरीबन 3 लाख रूपये कट गए।
साइबर पुलिस (Cyber Police) द्वारा की गई कार्रवाई में पता चला कि यह रकम अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन रूट द्वारा निकाली गई है। पुलिस की तरफ से धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है।
फर्जी चालान स्कैम-
यह स्कैम बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से किया जाता है, जो असली जैसा दिखता है। इसमें आमतौर पर ये चीजें (Fake challan scam) शामिल होती हैं-
बकाया ट्रैफिक चालान का दावा
परिवहन पोर्टल जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट
"तुरंत भुगतान" के लिए लिंक या QR
सरकारी भाषा और लोगो का इस्तेमाल
कार्ड/बैंक डिटेल्स की मांग
तुरंत अनधिकृत निकासी
ये संदेश MMS, Whatsapp या PDF अटैचमेंट के जरिए भेजे जाते हैं, ताकि भरोसा बने।
ऐसा संदेश मिले तो हो जाएं सावधान-
अनजान या संदिग्ध लिंक
OTP, CVV या कार्ड डिटेल्स की मांग
लाइसेंस सस्पेंशन/कानूनी कार्रवाई की धमकी
चालान/वाहन की पूरी जानकारी न होना
Third Party App से भुगतान का दबाव
URL का .gov.in से खत्म न होना
ये सभी ठगी के पक्के संकेत हैं।
ठगी से बचने के लिए ट्रैफिक चालान की पहचान के तरीके-
चालान सिर्फ आधिकारिक पोर्टल पर जांचें
वाहन नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर से सर्च करें
SMS/WhatsApp के रैंडम लिंक पर क्लिक न करें
अनजान वेबसाइट से भुगतान न करें
किसी से भी बैंकिंग डिटेल्स साझा न करें
सरकारी विभाग व्यक्तिगत संदेशों से भुगतान नहीं मांगते।
तुरंत लेना चाहिए ये एक्शन-
देरी न करें, पहले 60 मिनट (गोल्डन ऑवर) बेहद अहम होते हैं:
1930 पर राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर कॉल करें
cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
अपने बैंक/कार्ड जारीकर्ता को तुरंत सूचना दें
कार्ड ब्लॉक कराएं और चार्जबैक की प्रक्रिया शुरू करें
तेज कार्रवाई से नुकसान रोका जा सकता है।
भुगतान से पहले पुष्टिकरण जरूरी-
जल्दबाजी में भुगतान करने से पहलें हमें उस लिंक का पुष्टिकरण जरूर कर लेना चाहिए वरना एक मिनट की जल्दबाजी में लाखों का नुकसान हो सकता है। भुगतान से पहले जांचें, तभी भुगतान करें।