Haryana में सफर होगा और भी सुहावना, एक्सप्रेसवे के बाद अब 111 गांवों में बनेंगी स्मार्ट सड़कें
Haryana News : हरियाणा में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार की तरफ से लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। जहां एक तरफ रेलवे, एक्सप्रेसवे, हाईवे मजबूत किए जा रहे हैं, उसी प्रकार अब गांवों की सड़कों को भी स्मार्ट किया जाएगा। इससे प्रदेश के लोगों को काफी लाभ मिलेगा।
HR Breaking News (Haryana News) कहा जाता है कि सड़कें देश को बनाती है। अमेरिका के लिए यही कहावत है कि अमेरिका ने सड़कें बनाई और सड़कों ने अमेरिका को बनाया। हरियाणा में भी सरकार की ओर से इसी तर्ज पर काम किया जा रहा है। सुगम यातायात होगा तो तरक्की भी तेजी से होगी। हरियाणा में सड़कों को तेजी से और उच्च स्तर की बनाया जा रहा है।
प्रदेश में बनेंगी स्मार्ट गलियां
देश के आबादी के लिहाज से काफी छोटे राज्य हरियाणा (Haryana News) में तरक्की अव्वल दर्ज की हो रही है। प्रदेश में लगातार सड़कों के नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। चलिए जानते हैं प्रदेश में कहां-कहां सड़कों को मजबूत बनाया जा रहा है।
111 गांवों गलियों को किया जा रहा है स्मार्ट
हरियाणा के 111 गांवों में स्मार्ट गलियों (smart streets) का विकास किया जाएगा। सरकार के इस प्रोजेक्ट पर 1 करोड़ 19 लाख 39 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि सरकार लगातर डेवलपमेंट के काम कर रही है।
विधानसभा में उठा मुद्दा
हरियाणा की विधानसभा (assembly) में गांवों की गलियों को लेकर जवाब मांगा गया था। कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने सदम में यह मुद्दा उठाया था। इस मुद्दे की जवाबदेही दी गई है। मंत्री पंवार ने बताया कि जिन गांवों में मतदाताओं की संख्या 10 हजार है, वहां एक गलियों को स्मार्ट गली के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी की झज्जर के बादली विधानसभा क्षेत्र के बड़े गांव बादली को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
सीएम सैनी का लगातार तरक्की का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Haryana CM) ने कहा है कि दृष्टिकोण है शहरों में साफ-सुथरी और व्यवस्थित गलियां बनाने का है। इसी तर्ज पर गांवों में भी आधुनिक सुविधाओं दी जा रही है। प्रदेश में स्मार्ट गलियां विकसित की जा रही है। शून्यकाल में जवाब दिया गया है है। विधायक कपूर वाल्मीकि की ओर से मिट्टी उठाने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल का भी जवाब आया है। इसपर मंत्री ने कहा कि यदि ग्राम पंचायत प्रस्ताव भेजती है तो खनन विभाग के अधिकारियों को परमिट जारी करने के निर्देश दिए जाएंगे।
पंचायती भूमि पर मालिकाना हक भी है हरियाणा के लिए अहम
हरियाणा के कालांवाली से कांग्रेस विधायक (Congress MLA) शीशपाल केहरवाल की ओर से भी पंचायत भूमि पर सवाल पूछा गया है। मकानों को वैध करने का मुद्दा उठाया गया है। हरियाणा के पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की ओर से जानकारी दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार जहां पंचायत की फिरनी, पौंड या तालाब हैं, वहां मकानों को मालिकाना हक दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री की ओर से पिछले सत्र में पेश किए गए विधेयक के तहत ग्राम पंचायत की कृषि भूमि या फिरनी पर मकान नहीं होना चाहिए। हालांकि, यदि मकान ग्राम पंचायत की भूमि पर है तो 500 गज तक के क्षेत्रफल पर मालिकाना हक मिल सकता है।