UP Expressways : पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़ेगा पूर्वी यूपी, मात्र 50 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे से मिलेगी कनेक्टिवीटी
Expressways in UP : योगी सरकार राज्य में बेहतर कनेक्टिवीटी प्रदान करने के लिए कई तरह के बड़े बड़े कदम उठा रही है। अब योगी सरकार यहां पर एक और नये एक्सप्रेसवे (New Expressways) को बनने जा रही है। इस नए एक्सप्रेसवे के बनने की वजह से पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी के साथ जोड़ा जाएगा। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
HR Breaking News (UP Expressway) उत्तर प्रदेश में फिलहाल 6 संचालित एक्सप्रेसवे हैं। वहीं 5 एक्सप्रेसवे पर निर्माण कार्य अभी चल रहा है और 9 एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है। इन्हीं एक्सप्रेसवे की कड़ी में अब सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश (UP News) के साथ जोड़ने के लिए एक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने की वजह से महज 50 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे से ही कनेक्टिवीटी मिल जाएगी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक सीधे जोड़ने वाला है। इसके लिए नए लिंक एक्सप्रेसवे की पूरी योजना तैयार की जा रही है। यह एक्सप्रेसवे (Expressway in UP) लगभग 50 किमी तक लंबा रहने वाला है। इसकी वजह से पूर्वी यूपी बिना बाधा सीधे तौर पर पश्चिमी यूपी से जुड़ने वाला है। छह लेन के इस प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे का निर्माण इसी साल शुरू किया जाने वाला है। इस पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार (UP News) 120 किमी तक की होगी।
इतनी लागत से तैयार होगा एक्सप्रेसवे
औद्योगिक विकास विभाग के नए लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट से मंजूरी प्रदान कर दी गई है। इसके बाद इस एक्सप्रेसवे (Expressway in UP) के निर्माण के लिए विकासकर्ता कंपनी का चयन होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 597 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। एक्सप्रेसवे का पांच साल तक अनुरक्षण काम निजी कंपनी को दिया जाएगा। एक्सप्रेसवे की निर्माण लागत लगभग 5000 करोड़ रुपये तक की होगी। इसमें जमीन अधिग्रहण (land acquisition) की कीमत भी शामिल है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से होगा लिंक
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक सीधे जोड़ा जाने वाला है। इसके लिए नए लिंक एक्सप्रेसवे की पूरी योजना तैयार कर दी गई है। यह एक्सप्रेसवे (land acquisition For Expressway) लगभग 50 किलोमीटर तक का लंबा होगा। इससे पूर्वी यूपी बिना बाधा सीधे तौर पर पश्चिमी यूपी से जुड़ जाएगा। छह लेन के इस प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे का निर्माण इसी साल शुरू किया जाने वाला है। इस पर वाहनों की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर तक की होगी।
इतनी भूमि का होगा अधिग्रहण
औद्योगिक विकास विभाग के नए लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को जल्द कैबिनेट से मंजूरी मिलने वाली है। इसके बाद इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए विकासकर्ता कंपनी का चयन होने वाला है। इस एक्सप्रेसवे (New Expressway in UP) के निर्माण के लिए 597 हेक्टेयर जमीन की जमीन जरूरत रहेगी।
एक्सप्रेसवे का पांच साल तक अनुरक्षण काम निजी कंपनी को दिया जाने वाला है। एक्सप्रेसवे की निर्माण लागत लगभग 5000 करोड़ रुपये होगी। इसमें जमीन अधिग्रहण की कीमत को भी सम्मेलित किया गया है। आने वाले समय में भविष्य में इस एक्सप्रेसवे को आठ लेन का किया जा सकता है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का पहला टोल प्लाजा बहरू में पड़ता है। इसके यहां से लिंक एक्सप्रेस शुरू किया जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का पहला टोल प्लाजा महुराकलां के पास जाकर जुड़ने वाला है। इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। रेनवाटर हार्वेस्टिंग का भी इंतजाम किया जाने वाला है। सरकार (Yogi Goverment) की योजना इस लिंक एक्सप्रेसवे को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जोड़ने की है। इसकी वजह से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सीधे कनेक्टविटी कानपुर व उन्नाव शहर से हो जाएगी। इसी तरह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे भी इन दोनों शहरों से जुड़ जाएगा।
यहां से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
लखनऊ के सीमावर्ती इन इलाकों से यह लिंक एक्सप्रेसवे बनने वाला है। इन क्षेत्रों में आदमपुर, इरखरा, सकाभवई, लुहस बंथरा, सिकंदपुर, कुरैनी, भगदुमपुर, काशी जैतीखेड़ा, परवर, पश्चिम परवर, उल्लासखेड़ा, खुजहा, बरकत नगर, किथैली, कलपहासा आदि को शामिल किया जाएगा।
एक्सप्रेसवे के बनने से होगा ये लाभ
फिलहाल आगरा एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले बड़े व भारी वाहन लखनऊ के अंदर से होकर गुजरता है। इसके साथ अवध चौराहा, तेलीबाग चौराहा, अर्जुंनगंज चौराहा, गोसाईंगंज चौराहे समेत कई और रास्तों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है।
रोजाना लगभग 70 हजार से ज्यादा वाहन लखनऊ (Expressway in Lucknow) शहर में होते हुए आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक आते-जाते हैं। लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण होने के बाद शहर में भी ट्रैफिक लोड घटेगा और लोगों को जाम से छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा 104 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड बन रही है।