UP News : यूपी वालों को बड़ी सौगात, 22 हजार करोड़ में इन 25 जिलों में बनेंगे 9 नए एक्सप्रेसवे
new expressways : उत्तर प्रदेश में सरकार की तरफ से लोगो को समय-समय पर कई तरह के प्रोजेक्ट्स से जुड़ी सौगात प्रदान की जा रही है। अब फिर यूपी वासियों को एक और बड़ी सौगात मिली है। अब उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 9 नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। बताया जा रहा है कि इन नए एक्सप्रेसवे को बनाने में 22 हजार करोड़ की लागत आएगी। आइए खबर में जानते है यूपी में बनाए जाने वाले इन नए एक्सप्रेसवे के बारे में विस्तार से।
HR Breaking News : (UP New Expressways) योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में लगातार एक्सप्रेस वे का जाल बिछाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार नए-नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी जा रही है। अब तक उत्तर प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जिस पर वाहन तेज रफ्तार से दौड़ रहे हैं। इन एक्सप्रेसवे के अलावा उत्तर प्रदेश में 9 नई एक्सप्रेसवे की परियोजना को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
यूपी सरकार अब एक्सप्रेसवे के निर्माण (construction of expressways) में नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। सरकार की ओर से 9 नए एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इनकी संख्या 12 से बढ़कर 21 हो जाएगी।
सीएम योगी की योजना
UPIEDA यानि उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी की ओर से योजना पर काम शुरू किया गया है। UPIEDA के एसीईओ का कहना है कि सीएम योगी की योजना (CM Yogi's plan) प्रदेश के हर जिले को देश के किसी भी भाग से हाईस्पीड कनेक्टिविटी देने की है। CM Yogi की योजना के आधार पर एक्सप्रेसवे के निर्माण (construction of expressways) की गति को तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में 9 नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी है। इससे प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को तेज किया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे (Expressways operated in Uttar Pradesh) की कुल लंबाई 1315.53 किलोमीटर है, जो राज्य की कनेक्टिविटी और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इनमें से प्रमुख एक्सप्रेसवे हैं नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे जिसकी लंबाई 24.53 किलोमीटर है, यमुना एक्सप्रेसवे 165 किलोमीटर लंबा है, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे 91 किलोमीटर लंबा है, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे 302 किलोमीटर की दूरी तय करता है, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे 341 किलोमीटर लंबा है, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे 296 किलोमीटर की लंबाई के साथ एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे 96 किलोमीटर लंबा है। ये एक्सप्रेसवे न केवल यातायात को सुगम बनाते हैं बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देते हैं।
नई परियोजनाओं पर 20 हजार करोड़ से अधिक खर्च
प्रदेश में एक्सप्रेसवे की नई परियोजनाओं पर 20 हजार करोड़ से अधिक खर्च किए जाने की तैयारी की जा रही है। नए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे (new proposed expressway) में रीवा लिंक एक्सप्रेसवे, मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे और लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे के साथ-साथ गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेसवे एवं गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे प्रमुख हैं।
उत्तर प्रदेश में विभिन्न एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी कुल लंबाई 996.2 किलोमीटर है। गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर की लंबाई के साथ एक प्रमुख परियोजना है, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे 15.20 किलोमीटर लंबा है, दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेसवे 210 किलोमीटर लंबा है, बलिया लिंक एक्सप्रेसवे 114 किलोमीटर और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा है।
NHAI-UPIEDA के जिम्मे काम
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का निर्माण NHAI और UPIEDA द्वारा किया गया है। फिलहाल प्रदेश में सात एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गए हैं। इसमें से NHAI द्वारा चार एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है वहीं, UPIEDA ने तीन एक्सप्रेसवे को तैयार किया है।
प्रस्तावित 9 एक्सप्रेसवे में सात का निर्माण UPIEDA के जरिए कराए जाने की तैयारी है। वहीं, दो एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य NHAI के स्तर पर कराया जाएगा। इसमें गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेसवे और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे शामिल हैं। दोनों एक्सप्रेसवे यूपी की तस्वीर को बदलने वाले साबित होंगे।
उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल लंबाई 2063 किलोमीटर है। इनमें लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे 49.96 किलोमीटर लंबा है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे 90.84 किलोमीटर लंबा है, जो गंगा एक्सप्रेसवे से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तक जुड़ेगा। जेवर लिंक एक्सप्रेसवे 74.30 किलोमीटर लंबा है, जो यमुना एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे तक बुलंदशहर के रास्ते जुड़ेगा। झांसी लिंक एक्सप्रेसवे 118.90 किलोमीटर लंबा है।
विंध्य एक्सप्रेसवे 320 किलोमीटर लंबा है। मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे 120 किलोमीटर लंबा है, जो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगा। चित्रकूट से रीवा लिंक एक्सप्रेसवे 70 किलोमीटर, गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेसवे 519 किलोमीटर और गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे 700 किलोमीटर लंबा है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों के बीच महत्वपूर्ण मार्ग होंगे।
प्रदेश में 4374 किलोमीटर में एक्सप्रेसवे
योगी सरकार की ओर 2063 किलोमीटर की लंबाई के एक्सप्रेसवे के निर्माण (construction of expressways) का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन 9 एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद प्रदेश में कुल 4374 किलोमीटर की लंबाई में एक्सप्रेसवे हो जाएंगे। देश में उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन जाएगा। एक्सप्रेसवे की इतनी लम्बाई लाने में दूसरे राज्यों को कम से कम 5 साल से ज्यादा का समय लग जाएगा।