UP News : उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में बनेंगे इंडस्ट्रियल हब, युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार

UP News : उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई जिलों में नए इंडस्ट्रियल हब विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के तहत औद्योगिक कॉरिडोर (industrial corridor) और क्लस्टर बनाए जाएंगे, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (UP News) गंगा एक्सप्रेसवे के तैयार होने के साथ ही उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। करीब 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन मार्च के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है। Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority (UPEIDA) ने इसके किनारे कई औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे 12 जिलों में उद्योग, निवेश और रोजगार के बड़े अवसर बनेंगे।

मेरठ में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

मेरठ जिले में बिजौली और खरखौदा क्षेत्र के पास करीब 214 हेक्टेयर में बड़ा इंडस्ट्रियल हब विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा दूसरे चरण में हापुड़ रोड के पास गोविंदपुरी, खड़खड़ी और छतरी गांवों की लगभग 292 हेक्टेयर जमीन भी चिन्हित की गई है। यहां ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स (electronics) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (manufacturing sector) में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं, साथ ही विदेशी कंपनियां भी रुचि दिखा रही हैं।

हापुड़ में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ क्षेत्र में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउसिंग और MSME यूनिट्स स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। दिल्ली-एनसीआर के करीब होने के कारण यह इलाका व्यापार और परिवहन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। यहां फूड प्रोसेसिंग (food processing) और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

बुलंदशहर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

बुलंदशहर जिले में सदरपुर भैना, ठेरा और चिचावली गांवों के आसपास करीब 120 हेक्टेयर भूमि पर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। जमीन अधिग्रहण (land acquisition) की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही यहां उद्योगों की स्थापना शुरू होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

अमरोहा में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

अमरोहा जिले में मंगरौला गांव के पास टी-पॉइंट क्षेत्र में लगभग 120 हेक्टेयर जमीन पर बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क (Industrial park) विकसित किया जा रहा है। करीब 2200 बीघा भूमि में प्रस्तावित इस औद्योगिक क्षेत्र में 50 से अधिक फैक्ट्रियां स्थापित होने की संभावना है। इससे जिले में उद्योगों का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

संभल में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

संभल जिले में खिरनी मोहिउद्दीनपुर, बसला, सारंगपुर और अमावती कुतुबपुर गांवों के आसपास करीब 240 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के तहत आधुनिक औद्योगिक ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे उत्पादन इकाइयों, लॉजिस्टिक कंपनियों और एमएसएमई उद्योगों को स्थापित करने में आसानी होगी। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

शाहजहांपुर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद क्षेत्र में गुलड़िया गांव के पास करीब 103 हेक्टेयर भूमि पर हाईटेक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित (Hi-tech industrial corridor developed) किया जा रहा है। यहां 24 से 36 मीटर चौड़ी सड़कों के साथ बिजली और पानी की आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध कराते हुए औद्योगिक प्लॉट तैयार किए जाएंगे। संभावना है कि दिसंबर 2025 से उद्योगों के लिए प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

बदायूं में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

बदायूं जिले में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के किनारे दो बड़े औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। पहला इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बिनावर क्षेत्र के घाटपुरी गांव के पास बनाया जा रहा है, जबकि दूसरा दातागंज क्षेत्र के पापड़ गांव के पास विकसित किया जाएगा। इन औद्योगिक क्षेत्रों (industrial areas) के बनने से जिले में निवेश बढ़ेगा और स्थानीय व्यापार के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

हरदोई में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

हरदोई जिले की सवायजपुर तहसील में सरसई, इनायतपुर और सेमरझाला गांवों के आसपास करीब 337 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। यह क्लस्टर विनिर्माण इकाइयों और लॉजिस्टिक गतिविधियों (logistics activities) का प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और आसपास के जिलों के व्यापार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

उन्नाव में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

उन्नाव जिले में सराय कटियान (Sarai Katian in Unnao district) और मुर्तजानगर गांवों के पास दो चरणों में औद्योगिक गलियारा (industrial corridor) विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में करीब 132 हेक्टेयर भूमि पर इंडस्ट्रियल क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। वहीं निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए दूसरे चरण में लगभग 316 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर इसके विस्तार की योजना बनाई गई है।

प्रयागराज में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

प्रयागराज जिले (Prayagraj district) के सोरांव क्षेत्र के पास ट्रांस-गंगा इलाके में नया औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर होगा और एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके अलावा जिले के ट्रांस-यमुना क्षेत्र स्थित शंकरगढ़ में भी पहले से औद्योगिक विकास की परियोजना पर काम चल रहा है।

रायबरेली में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर-

रायबरेली जिले (Raebareli district) की ऊंचाहार तहसील में इटौरा बुजुर्ग गांव को औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पहले ही सैकड़ों बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है, जबकि करीब 21 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया (Procedure for acquisition of land) जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद यहां उद्योग स्थापित होने से रोजगार के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।