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FD Rate Hike : SBI ने किया ये बड़ा एलान, ख़ुशी के मारे झूम उठे ग्राहक , अब मिलेगा सबसे ज्यादा ब्याज 

रेपो रेट में बदलाव होने से SBI ने अपने ग्राहकों को एक बहुत बड़ा तोहफा दिया।  SBI ने FD की ब्याज दर बढ़ा दी जिससे ग्राहक बहुत खुश हो गए हैं। आज के समय SBI सबसे ज्यादा ब्याज देने वाल बैंक बन गया है।  आइये जानते हैं कितना मिलेगा ब्याज।
 

HR Breaking News, New Delhi : देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को एक अच्छी खबर दी है। RBI के रेपो दर में बढ़ोत्तरी के बाद SBI ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज दरों में 20 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है। यह बढ़ोतरी सभी समय अवधि के एफडी लिए की गई है। नई ब्याज दरें दो करोड़ रुपये से कम के फिक्स जमा पर लागू होंगी। बैंक के अनुसार 15 अक्टूबर से नई ब्याज दरें प्रभावित होंगी।

अब दो करोड़ तक के बचत पर कितना मिल रहा है ब्याज अब बैंक सात दिन से 45 दिन की अवधि की Fixed Deposit    2.90 फीसदी अधिक 3 प्रतिशत ब्याज दर ऑफर कर रहा है। SBI ने 46 दिन से 179 दिन की अवधि पर मिलने वाले ब्याज दर को 3.90 प्रतिशत से 4 फीसदी कर दिया है। अब 180 से 210 दिन की अवधि पर ब्याज पर 4.55 के बजाय 4.65 फीसदी हो गई है। अब ग्राहकों को 211 दिन से एक साल से कम की FD के अवधि पर ब्याज दर को 4.60 से 4.70 कर दिया है।

5.85 प्रतिशत तक मिल रहा है ब्याज बैंक ने एक साल से दो साल से कम अवधि के Fixed Deposit पर मिलने वाले ब्याज को 5.45 प्रतिशत से 5.60 प्रतिशत कर दिया है। दो साल से तीन साल से कम अवधि के लिए ग्राहकों को 5.50 फिसदी से 20 बेसिस प्वाइंट अधिक 5.65 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। तीन साल से पांच साल से कम की अवधि के लिए SBI अब 5.80 प्रतिशत ब्याज देगी। पहले यह 5.60 प्रतिशत था। पांच साल से 10 साल के अवधि पर 5.85 फिसदी की ब्याज दर मिलेगी।

सीनियर सीटीजन को और अधिक मिलेगा ब्याज स्टेट बैंक ने सीनियर सिटीजन FD के ब्याज दर में भी 10 से 20 बीपीएस की बढ़ोतरी की है। एसबीआई ने यह बढ़ोतरी 2 करोड़ के एफडी के लिए की है। अब वरिष्ट नागरिकों को सात दिन से 45 दिन की अवधि के लिए 3.4 प्रतिशत बजाय 3.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। बैंक ने पांच साल से दस साल की अवधि वाले Fixed Deposit पर मिलने वाले ब्याज दर को 6.45 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.65 प्रतिशत कर दिया है। RBI ने 30 सितंबर को रेपो दरो में बढ़ोत्तरी की थी। इसके बाद से ही तमाम प्राइवेट और सरकारी बैंक ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं।