Employees Pension : कर्मचारियों ने रखी बड़ी डिमांड, 7.5 गुना पेंशन बढ़ोतरी की रखी मांग, धरने की चेतावनी
Employees Pension : कर्मचारी पेंशन योजना से जुड़े पेंशनभोगियों ने सरकार के सामने बड़ी मांग रखी है। उनका कहना है कि मौजूदा न्यूनतम पेंशन बहुत कम है, इसलिए इसे बढ़ाकर 7,500 रुपये किया जाए। इस मांग को लेकर पेंशनर्स ने विरोध (Pensioners protested) का ऐलान किया है और जल्द ही धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (EPFO Updates) पेंशनर्स फंड बॉडी ईपीएफओ (EPFO) द्वारा संचालित कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) के तहत पेंशनभोगी मौजूदा 1,000 रुपये की न्यूनतम मासिक पेंशन (minimum monthly pension) को बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। यानी साढ़े सात गुना पेंशन बढ़ाने की मांग की गई है। इसके लिए वे नौ मार्च को जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर तीन दिवसीय विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
81 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा सीधा असर-
एक बयान में कहा गया कि केंद्रीय और राज्य सरकार (Central and State Government) के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सहकारी व निजी क्षेत्रों, मिलों और मीडिया संस्थानों से जुड़े करीब 81 लाख पेंशनभोगी ईपीएस 95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (EPS 95 National Agitation Committee) के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर पिछले नौ वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। समिति का कहना है कि प्रधानमंत्री सहित सभी केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न दलों के सांसदों से अपील की जा चुकी है, लेकिन सरकार अब तक बुजुर्ग पेंशनभोगियों की मांगों (demands of pensioners) पर ध्यान नहीं दे रही है।
9 मार्च से 11 मार्च तक चलेगा धरना प्रदर्शन-
बयान में कहा गया है कि 30 से 35 साल तक नौकरी के दौरान Employees' Provident Fund Organisation में नियमित रूप से पेंशन अंशदान जमा करने के बावजूद पेंशनभोगियों को औसतन केवल 1,171 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। वहीं दूसरी ओर कई सरकारी योजनाओं के तहत बिना किसी अंशदान के भी पेंशन दी जा रही है, जिससे पेंशनभोगियों में असंतोष बढ़ रहा है।
समिति ने आरोप लगाया कि इतनी कम पेंशन और मुफ्त चिकित्सा सुविधा की कमी के कारण देशभर में प्रतिदिन औसतन 200 से 250 पेंशनभोगियों की असामयिक मौत हो रही है। बयान में कहा गया कि लगातार उपेक्षा से नाराज पेंशनभोगी (pensioners) संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत पर 9, 10 और 11 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर में विरोध प्रदर्शन (Protest at Jantar Mantar in Delhi)करेंगे।