Gold Price down : सोने के दामों में गिरावट पर बड़ी रिपोर्ट, जानें कितनी कम हो जाएगी कीमत
HR Breaking News - (Gold Price down) सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला अब भी जारी है। अब इसी बीच सोना खरीददारो के लिए सोने से जुड़ी बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब हाल ही में सोने के दामों (Gold Prices) में गिरावट को लेकर बड़ी रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट के अनुसार आगामी समय में सोने की कीमतों में बंपर गिरावट आ सकती है। खबर में जानिए की रिपोर्ट के अनुसार सोने की कीमतों में कितनी गिरावट आ सकती है।
MCX पर सोने की कीमतें
MCX पर सोने की कीमतों (Gold prices on MCX) ने 1,93,096 रुपये का ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया हैअब सोने की कीमतों के बढ़ते भावों को लेकर निवेशक भी चिंता में हैं। अब सोने की कीमतों को लेकर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सीईओ ने जानकारी दी है। WGC के सीईओ ने सोने की कीमतों में तेजी के 2 कारण बताए हैं।
डेविड टैट (World Gold Council CEO) का कहना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और केंद्रीय बैंकों द्वारा निरंतर खरीदारी के चलते सोने की कीमतों में इजाफा हो रहा है। उनका कहना है कि केंद्रीय बैंकों की स्थिर मांग के साथ ही भू-राजनीतिक जोखिम वैश्विक सोने की कीमतों में तेजी की मुख्य वजहें हैं।
किस स्थिती में गिरेंगे सोने के दाम
WGC के सीईओ का कहना है कि सोने की कीमतों में गिरावट तभी होगी, जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था की ग्रोथ में बढ़ौतरी होगी, जिसके साथ मुद्रास्फीति में इजाफा होगा, जिससे पब्लिक डेट में कमी आने की संभावना है, लेकिन उनका कहना है कि ऐसा होने के चांसेज बेहद कम है। टैट का कहना है कि बीते वर्ष सोने (Gold Investment) की इन्वेस्टमेंट मांग में बढ़ौतरी हुई है और वैश्विक स्तर इसके मजबूत बने रहने के आसार है।
2025 में कितनी रही सोने की मांग
विश्व स्वर्ण परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कहना है कि जिन कारणों से सोने की कीमतों में तेजी आई है। उन कारणों मे- भू-राजनीतिक जोखिमों, वैश्विक ऋण स्थिरता और केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद के चलते आई है। उनका कहना है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने गोल्ड रिजर्व (gold reserve) में बढ़ौतरी (increase in gold reserves) का सिलसिला जारी रखेंगे। डेविट टैट का कहना है कि सोने एक्युमलेशन के मामले में देश अभी भी पश्चिमी केंद्रीय बैंकों से काफी पीछे है।
गोल्ड डिमांड के रुझानों पर डेविड टैट (David Tait) का कहना है कि वैश्विक सोने की डिमांड बीते साल रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई। देशभर में 2025 में सोने की मांग तकरीबन 711 टन रह सकती है। हालांकि बढ़ती कीमतों के चलते ज्वैलरी की मांग में गिरावट आई है।