Gold Rate : सोने के सस्ता होने की उम्मीद ही त्याग दें, इतनी हो जाएगी कीमत
Gold Rate : सोने और चांदी की कीमतों (gold silver price) में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। अब भी बहुत सारे लोग सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन गिरावट के सपने छोड़ देने चाहिए। सोने और चांदी में अब गिरावट देखना एक सपना ही रह सकता है। इसके पीछे कुछ कारण भी हैं, चलिए जानते हैं-
HR Breaking News (Gold Rate) सोने और चांदी के दामों में अनिश्चित का माहौल लगातार बना रहता है। कभी दाम बढ़ जाते हैं तो कभी गिर जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय कारण से सोना और चांदी (gold and silver rates) काफी प्रभावित होते हैं। फिलहाल अमेरिका की ओर से किए गए फैसलों की वजह से सोना और चांदी काफी फ्लकचुएट किए हैं। फिर भी सोने और चांदी की कीमतों में अभी कुछ लोग गिरावट की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जिसको लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि यह उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।
कितनी हुई 1 साल में सोने और चांदी के दामों में बढ़ोतरी
सोने और चांदी (gold silver rate) के दामों में लगातार बढ़ोतरी चल रही है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में देखे तो 1 साल पहले चांदी में 32% की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि पिछले एक साल में चांदी 193.53% बढ़ी है। वहीं पिछले 3 महीने में चांदी 76.40% बढ़ी है और पिछले 5 दिन में चांदी 13.36% बढ़ी है। इसी प्रकार सोने में भी बढ़ोतरी जारी है और पिछले एक साल में सोना 82 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुका है।
जबकि इससे पहले साल में सोने में 21.50% की बढ़ोतरी हुई थी। पिछले 3 महीने में सोना 26.63% बढ़ चुका है और एक महीने में 13.7% की बढ़ोतरी हो चुकी है। पिछले 5 दिन में भी सोने की कीमत 3.81% बढ़ चुकी है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब सोने और चांदी की कीमत में जो गिरावट का इंतजार कर रही है उन्हें यह उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।
सोनी को मिल गया है सपोर्ट प्राइस
सोने और चांदी को भी सपोर्ट प्राइस मिल चुका है। फिलहाल सोना 150000 से 160000 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी भी ढाई लाख के इर्द-गिर्द ही घूम रही है। लगातार कई दिनों से सोना और चांदी (gold and silver rates) इसी पोजीशन पर बने हुए हैं। ऐसे में अब सोने और चांदी में गिरावट होना काफी मुश्किल है। निवेशक रविंद्र सैनी का कहना है कि सोना और चांदी अब गिरने वाले नहीं है।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम
सोने के दाम बढ़ने का सबसे पहला कारण अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल पॉलिटिक्स है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हाल ही में टैरिफ को लेकर घोषणा की गई। इसके बाद मृत पड़ा सोना जाग उठा और फिर से रफ्तार पकड़ ली। जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिसिप्रोकल टैक्स लगाने की घोषणा की थी, तब से ही सोने (Gold Rate) के दाम बढ़ाते आ रहे थे।
हालांकि बीच में कुछ दिन सोने के दामों में काफी गिरावट देखने को मिली, लेकिन एक बार फिर से सोना (Gold Rate) अपने शिखर पर पहुंच गया है। यह अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के बाद हुआ है। इसके पीछे दूसरा कारण चीन का जवाब भी है। चीन और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर विरोध का दौर जारी है। जिसकी वजह से दुनिया में अंतरराष्ट्रीय ट्रेड वॉर छीड़ गया है और लोगों ने बाजार को छोड़कर सोने में निवेश करना शुरू कर दिया है।
आगे कितने हो जाएंगे सोने के दाम
सर्राफा कारोबारी प्रेम सोनी ने बताया है कि उनका अनुमान है कि अब सोने (Gold Rate) के दाम कम नहीं होने वाले हैं। कुछ दिन तक सोने के दाम कम हुए, इसके पीछे प्रमुख कारण यही था कि लोगों ने मुनाफा वसूली शुरू कर दी थी। परंतु अब बाजार में फिर से अनिश्चित का माहौल चल पड़ा है और लोगों ने सोने में ही निवेश करना उचित समझा है।
इस वजह से सोने के दाम बढ़ते चले जाएंगे। उन्होंने अनुमान लगाया है कि इस साल के मिड तक यानी 3 महीने बाद तक सोना (Gold Rate) 1 लाख 70 हजार रुपए तोला के करीब पहुंच जाएगा।
निवेश करने वालों के लिए यह है सलाह
सोने के दाम बढ़ने से सोने में निवेश करने वालों की बल्ले बल्ले हो गई है। वहीं विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि फिलहाल बाजार से सोना नहीं निकाले और अपने गोल्ड को होल्ड पर रखें। वहीं नए निवेशकों के लिए सलाह है कि सोने (Gold Rate) के दामों में उतार-चढ़ाव आता रहता है और वह इंतजार करे कि कुछ हद तक सोना सस्ता हो जाए और फिर वह सोना खरीद सकते हैं।