Gold Silver Rate : फिर सस्ता हो सकता है सोना चांदी,  केंद्र सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Gold Price Today :सोने और चांदी की कीमतों में पिछले काफी समय से तेजी का दौर बना हुआ था। वहीं अब इसकी कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। आज एक बार फिर से इसकी कीमतों (Sone ki kemat) में गिरावट दर्ज की जा रही है। सोने की कीमतों को लेकर सरकार ने एक बार कदम उठाया है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।

 

HR Breaking News - (Gold Price Today)। सोने और चांदी की कीमतों में बंपर बढ़ौतरी के बाद एतिहासिक गिरावट आई है। अब दो दिन से दोनों कीमती धातुओं के रेट बढ़ने लग गये हैं। इस बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतों (Sone ka rate) में अब एक बार फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। इसको लेकर केंद्र सरकार ने भी बड़ा कदम उठाया है। आइए जानते हैं इससे जुड़ा लेटेस्ट अपडेट।

 

 

लगातार बढ़ती सोने की कीमतों के पीछे की वजह-

सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों (Sone chandi ka rate) ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बता दें कि आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सोना-चांदी के आयात पर लगने वाली import duty की गणना से जुड़े base import price में कटौती कर दी है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC New Report) द्वारा जारी ताजा नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस फैसले का मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों के असर को घरेलू बाजार में कम करना है।


Import Duty की बदली नई दरें-

केंद्र सरकार ने सोने के लिए आधार आयात मूल्य में लगभग 50 डॉलर की कमी कर दी है। इसके बाद अब ये 1518 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। चांदी के मामले में ये कटौती और भी बड़ी है, जहां इसकी कीमत (Sone ki kemat) में 800 डॉलर से अधिक की कमी करते हुए इसे 2657 रुपये प्रति किलोग्राम तक तय की गई है। सरकार की ये नई दरें विदेशों से मंगवाए जाने वाले सोने और चांदी के विभिन्न रूपों पर लागू होने वाली है। इसमें व्यापारियों और उपभोक्ताओं (Sone ka rate) को बड़ी राहत मिलने की संभावना लगाई जा रही है।

इन चीजों पर मिलेगा कटौती का फायदा

टैक्स में की गई यह कटौती मुख्य रूप से High Purity वाले सोने के बिस्कुट (बार), सिक्कों और चांदी के बुलियन पर प्रभावी होगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि बाहर से मंगवाई जाने वाली बनी-बनाई ज्वेलरी, कीमती धातुओं (Sone chandi ka rate) के अन्य सामान या कूरियर और सामान (बैगेज) के जरिए आने वाली वस्तुओं पर यह राहत लागू नहीं होगी। सरकार सामान्य तौर पर हर 15 दिनों में इन कीमतों की समीक्षा करती है और पिछला बदलाव जनवरी के अंतिम सप्ताह में किया गया था।

लंबे समय से की जा रही थी मांग


देश के आभूषण निर्यातकों और व्यापारियों के संगठन (GJEPC) ने सरकार से बजट के दौरान सोना, चांदी और प्लेटिनम पर टैक्स घटाकर 4 प्रतिशत करने की गुहार लगाई थी। व्यापारियों का मानना था कि भारी टैक्स (Tax on Gold Buying) के कारण घरेलू बाजार में व्यापार करना कठिन हो रहा था। इस ताजा फैसले को उसी मांग की पूर्ति की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

भारत में सोने-चांदी की खपत और भविष्य


भारत वैश्विक स्तर पर चांदी का सबसे बड़ा खरीदार है और सोने की खपत के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर आता है। हम अपनी जरूरतों का लगभग पूरा सोना और 80 प्रतिशत से ज्यादा चांदी (Silver Price Today) विदेशों से ही मंगवाते हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि Tax में इस कटौती के बाद आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 तक खुदरा बिक्री में 5 से 7 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है।