Gold silver rate: केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया सोने-चांदी की कीमत बढ़ने का असल कारण
Gold silver rate: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने और चांदी की कीमतों में तेजी की असली वजह बताई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों की बढ़ी खरीदारी के कारण कीमती धातुओं के दाम चढ़े हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सोने-चांदी का आयात फिलहाल चिंता के स्तर पर नहीं है...इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Gold-Silver Prices) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने देश में सोने-चांदी के बढ़ते आयात (Gold-Silver Import) को लेकर कहा है कि यह किसी भी तरह से चिंता का विषय नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोल्ड और सिल्वर का आयात (Import of gold and silver) अभी ‘चिंताजनक स्तर’ पर नहीं पहुंचा है।
वित्त मंत्री के मुताबिक, सोने की कीमतों में उछाल की मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर की जा रही खरीदारी है। इस मुद्दे पर संजय मल्होत्रा ने भी वित्त मंत्री के बयान का समर्थन किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत का बाहरी क्षेत्र (External Sector) मजबूत स्थिति में है और चालू खाता घाटा (CAD) भी प्रबंधनीय स्तर पर बना हुआ है, इसलिए सोने के आयात को लेकर फिलहाल किसी गंभीर चिंता की जरूरत नहीं है। केंद्रीय बैंक की बैठक के बाद निर्मला सीतारमण, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और RBI गवर्नर ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी।
निर्मला सीतारमण ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित किया। बजट के बाद आयोजित होने वाली इस पारंपरिक बैठक में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता, सोने के बढ़ते आयात और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक व्यापार पर रखी गई खास नजर-
अमेरिका में टैरिफ नीतियों में संभावित बदलावों और उनके भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर निर्मला सीतारमण ने सधा हुआ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को लेकर अभी कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। वित्त मंत्री के मुताबिक, वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है और व्यापारिक वार्ताओं व भविष्य की रणनीति पर उचित समय पर फैसला लिया जाएगा।
IDFC बैंक फ्रॉड मामले पर RBI ने क्या कहा-
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चंडीगढ़ में IDFC बैंक की एक शाखा से जुड़े 590 करोड़ रुपये के कथित फ्रॉड मामले पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि नियामक इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है, लेकिन यह कोई प्रणालीगत (Systemic) समस्या नहीं है। बैंक की ओर से पहले ही बताया जा चुका है कि यह धोखाधड़ी कुछ कर्मचारियों और बाहरी व्यक्तियों द्वारा एक सीमित समूह के खातों तक ही थी, जिसका अन्य ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, इस खबर के सामने आने के बाद बैंक के शेयरों में 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
‘बैंक अपने मुख्य काम पर फोकस करें-
ब्याज दरों और लिक्विडिटी को लेकर भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया कि ब्याज दरों पर निर्णय विकास और महंगाई की उभरती स्थितियों पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि केंद्रीय बैंक बाजारों में पर्याप्त तरलता (Liquidity) बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
बैंकों द्वारा बीमा उत्पादों की ‘मिस-सेलिंग’ (गलत तरीके से बिक्री) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बैंकों को स्पष्ट सलाह दी कि वे बीमा जैसे अतिरिक्त उत्पादों की आक्रामक बिक्री के बजाय अपने मुख्य व्यवसाय (Core Business) पर ध्यान केंद्रित करें और ग्राहकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें।
India Inc से निवेश बढ़ाने का आह्वान-
निर्मला सीतारमण ने भारतीय कॉरपोरेट जगत (India Inc) से निवेश बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की विकास यात्रा में सभी हितधारकों को सक्रिय भागीदार बनना चाहिए।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक बाजार अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक-दोनों ने भारतीय वित्तीय प्रणाली की मजबूती और स्थिरता पर पूरा भरोसा जताया है।