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Haryana News : अपने नए आविष्कार को पेटेंट कराने पर 50 हजार की सहायता करेगी हरियाणा सरकार

Haryana News : हरियाणा के छात्र, शोद्यार्थी जो इनोवेशन आदि में रूची रखते हैं तो उनके लिए खुशी की खबर है। अब छात्र द्वारा पेटेंट पंजिकरण कराने का आधा शुल्क सरकार की और से और दिया जाएगा। इसके अलावा पेटेंट को मंजूरी मिलते ही सरकार की और से प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। चलिए जानते हैं इसके बारे में अधिक विस्तार से।
 

HR Breaking News (Haryana News) : प्रदेश में छात्रों और शोधकर्ताओं के नए आइडिया को पेटेंट कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने छात्रों की आर्थिक मदद का रास्ता आसान कर दिया है। इसको लेकर प्रदेश में एक नई नीति लागू की गई है। इसके तहत शिक्षण संस्थानों से जुड़े छात्र और शोधकर्ता अपने आविष्कार को पेटेंट करने से लेकर उसे बाजार तक पहुंचने तक आर्थिक सहायता लेते हैं। इसके लिए अलग-अलग चरणों में मिलने वाली इस मदद की कुल सीमा 50,000 रुपये तक तय की गई है।

 

ये नए निर्देश किए जारी

 

राज्य सरकार (Haryana ki khabr) की ओर से हरियाणा पेटेंट समर्थन में  व्यवसायीकरण एवं नवाचार सुविधा नीति 2026 के तहत नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। नीति का उद्देश्य प्रदेश में शोध तकनीकी विकास और नए प्रयोगों को बढ़ावा देना है। इसके तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों तथा राज्य विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने नवाचार को पेटेंट (Process to patent an idea) कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 

ऐसे मिलेगी सहायता राशि

पेटेंट दाखिल (patent registration ko lekr update) करने के लिए होने वाले खर्च में भी सहायता का प्रावधान है। इसके लिए अधिकतम 10,000 रुपये तक की राशि दी जा सकती है। कुछ मामलों में खर्च 15000 रुपये तक हो सकता है। पेटेंट  मंजूर होने पर 10000 रुपये तक प्रोत्साहन राशि छात्र को मिलेगी। इसके अलावा पेटेंट से जुड़ी तकनीक को बाजार तक पहुंचने उसकी व्यवसायीकरण के लिए सलाह लेने पर 20000 रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। पेटेंट के नवीनीकरण के लिए 5000 रुपये, डिजाइन दाखिल करने के लिए भी 5000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। अलग-अलग चरणों में मिलने वाली सहायता की कुल अधिकतम राशि 50000 रुपये रहेगी।

विस्तृत गाइडलाइन हो चुकी जारी

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा (Education Minister Mahipal Dhanda) ने कहा की नीति प्रदेश के युवाओं में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को सिर्फ शैक्षणिक ज्ञान तक समिति रखना नहीं है बल्कि उन्हें नए शोध और वैश्विक स्तर पर पेटेंट (vaishvik star par patent) विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होने बताया कि योजना की विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी गई है।