Home Loan Interest Rates : अब घर खरीदने का सपना होगा पूरा, जानें कौनसा बैंक कितने ब्याज पर दे रहा लोन

Home Loan Interest Rates - अगर आप इस मार्च में होम लोन लेकर घर खरीदने का सपना पूरा करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है। दरअसल आपको बता दें कि देश के कई सरकारी और निजी बैंक (bank) 7 प्रतिशत से शुरू होने वाली ब्याज दरों पर लोन दे रहे हैं... आइए नीचे खबर में चेक कर लेते है बैंकों की लिस्ट-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Home Loan Interest Rates) मार्च में होम लोन लेने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। देश के कई बैंकों में होम लोन की शुरुआती ब्याज दरें करीब 7.10 प्रतिशत से शुरू हो रही हैं। हालांकि, यह दर उधारकर्ता की प्रोफाइल, क्रेडिट स्कोर (credit score) और लोन राशि के आधार पर भिन्न हो सकती है। यह जानकारी एक प्लेटफॉर्म के आंकड़ों से सामने आई है।

सरकारी बैंकों में होम लोन की सबसे कम शुरुआती दरें-

- पब्लिक सेक्टर यानी सरकारी बैंक इस समय होम लोन के मामले में सबसे प्रतिस्पर्धी दरें पेश कर रहे हैं।

- Bank of India, Bank of Maharashtra और Central Bank of India करीब 7.10 प्रतिशत की शुरुआती दर से होम लोन दे रहे हैं।

- वहीं Union Bank of India और UCO Bank में यह दर लगभग 7.15 प्रतिशत से शुरू होती है।

- देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (State Bank of India) और पीएनबी (Punjab National Bank) में होम लोन की दरें करीब 7.20 से 7.25 प्रतिशत के बीच शुरू हो रही हैं।

लोन राशि के आधार पर अलग-अलग ब्याज दरें-

- अलग-अलग बैंकों में लोन राशि के हिसाब से ब्याज दरों में भिन्नता देखी जा रही है। उदाहरण के लिए, 30 लाख रुपये तक, 30-75 लाख रुपये, और 75 लाख रुपये से अधिक के लोन पर अलग-अलग दरें लागू हो सकती हैं।

- उदाहरण के तौर पर, एसबीआई में सभी श्रेणियों में दरें लगभग 7.25 से 8.70 प्रतिशत तक हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में यह रेंज 7.20 से 9.25 प्रतिशत तक जाती है, जबकि Canara Bank में यह 7.15 से 10 प्रतिशत तक हो सकती है।

- इसी तरह, Indian Bank, Indian Overseas Bank और Punjab and Sind Bank में भी ब्याज दरें उधारकर्ता की प्रोफाइल के आधार पर 7 प्रतिशत से 10 प्रतिशत या उससे अधिक तक हो सकती हैं।

होम लोन में निजी बैंकों की दरें: शुरुआती कम, ऊपरी सीमा ज्यादा-

मार्च में होम लोन बाजार में निजी बैंकों (private banks) की भी मजबूत मौजूदगी बनी हुई है। शुरुआती ब्याज दरें सरकारी बैंकों के करीब होने के बावजूद, इन बैंकों में दरें काफी भिन्न हो सकती हैं। इसका मुख्य कारण जोखिम आधारित मूल्य निर्धारण है, जिसके तहत अलग-अलग ग्राहकों की क्रेडिट प्रोफाइल के अनुसार ब्याज दरें तय की जाती हैं।