Delhi में जमीनें होंगी महंगी, 40 प्रतिशत तक की होगी बढ़ोतरी

Delhi - दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह खबर जरूरी है। दरअसल आपको बता दें कि राजधानी में सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिससे जमीन और मकानों की कीमतें बढ़ सकती हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ इलाकों में सर्किल रेट में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है, जिससे खरीदारों पर सीधा असर पड़ेगा... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Circle rate) अगर आप दिल्ली में घर बनाने की योजना बना रहे हैं या प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी में रिहायशी संपत्तियों के सर्किल रेट (Circle rates for residential properties) बढ़ाए जा सकते हैं। अलग-अलग इलाकों में यह बढ़ोतरी 10 से 40 प्रतिशत तक हो सकती है। हालांकि, जानकारों के अनुसार A और H श्रेणी के इलाकों में या तो मामूली बढ़ोतरी होगी या इन्हें इस बढ़ोतरी से बाहर रखा जा सकता है।

रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) सरकार ने बाकी सभी श्रेणियों में सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इस बार एक खास बात यह है कि हर श्रेणी के भीतर उप-श्रेणियां (सब-कैटेगरी) भी बनाई जा सकती हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के अनुसार दरें तय की जा सकें। इसके अलावा खेती की जमीन के सर्किल रेट में भी प्रति एकड़ ढाई करोड़ से लेकर पांच करोड़ रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।

जिलों के पुनर्गठन के बाद तय होंगे नए सर्किल रेट-

दिल्ली में जिलों का पुनर्गठन हो चुका है और अब उनकी सीमाओं का निर्धारण किया जाना है। हालांकि, इस प्रक्रिया के पूरी तरह लागू होने में कुछ समय लग सकता है। जिलों के पुनर्गठन के बाद सरकार अब राजधानी में नए सर्किल रेट जारी (New circle rates released in the capital) करने की तैयारी में है, जिसकी लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। साफ है कि नए सर्किल रेट लागू होते ही दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना और महंगा हो जाएगा। यह हम सभी जानते हैं कि सर्किल रेट बढ़ने से संपत्ति खरीदना महंगा हो जाता है।

इसकी वजह यह है कि किसी भी संपत्ति की खरीद पर स्टांप ड्यूटी (stamp duty) और रजिस्ट्रेशन शुल्क सर्किल रेट (Registration Fee Circle Rate) के आधार पर ही तय होते हैं। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने पर यह खर्च भी अपने-आप बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस बार दिल्ली सरकार सर्किल रेट में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर कई स्तर पर अध्ययन और समीक्षा कर रही है, ताकि अलग-अलग इलाकों के हिसाब से उपयुक्त दरें तय की जा सकें।

2008 से नहीं बढ़े सर्किल रेट-

दिल्ली में कृषि योग्य जमीन के सर्किल रेट (Circle rates of agricultural land in Delhi) 2008 से और अन्य श्रेणियों की जमीन के 2014 से सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इससे साफ है कि दरों में बदलाव को काफी लंबा समय बीत चुका है। इस दौरान भले ही बाजार भाव बढ़ते रहे, लेकिन आधिकारिक सर्किल रेट नहीं बढ़ने से कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिला। कई जगह एक ही कॉलोनी में अलग-अलग रेट चल रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में अलग-अलग कॉलोनियों के सर्किल रेट समान होने के बावजूद संपत्तियों की कीमतों (property price) में जमीन-आसमान का फर्क है।

इन्हीं विसंगतियों को दूर करने के लिए सरकार इस बार विस्तृत अध्ययन कर रही है, और इसी वजह से एक ही क्षेत्र में सर्किल रेट की उप-श्रेणियां (सब-कैटेगरी) भी बनाई जा सकती हैं।

A प्लस श्रेणी भी बनाए जाने की तैयारी-

उम्मीद जताई जा रही है कि B, C, D और E श्रेणी की संपत्तियों में सर्किल रेट की सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, लुटियंस जैसी अल्ट्रा प्रीमियम कॉलोनियों के लिए अलग से ‘A प्लस’ श्रेणी बनाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल यह माना जा रहा है कि H श्रेणी के इलाकों में सर्किल रेट में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी (Relatively small increase in circle rate) होगी। इसके अलावा कृषि भूमि के सर्किल रेट में प्रति हेक्टेयर ढाई से पांच करोड़ रुपये तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।