Delhi-NCR में इन गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण, 125 हेक्टेयर पर विकसित होंगे नए आवास
Delhi-NCR - एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में नए आवासीय प्रोजेक्ट (new residential projects) के लिए 125 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत इन गांवों की जमीन पर पहले चरण में विकास कार्य शुरू किया जाएगा... इस रिपोर्ट से जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi-NCR) हरनंदीपुरम आवासीय योजना को धरातल पर उतारने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) तेजी से काम कर रहा है। गाजियाबाद-मेरठ रोड (Ghaziabad-Meerut Road) पर दो चरणों में बनने वाली इस योजना के पहले चरण के लिए किसानों ने 125 हेक्टेयर जमीन देने की सहमति दे दी है।
जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला ने बताया कि 65 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री प्राधिकरण करा चुका है और मार्च तक योजना को धरातल पर उतारने का लक्ष्य है।
जीडीए ने पिछले साल राजनगर एक्सटेंशन (Rajnagar Extension) के पास आठ गांवों की 521 हेक्टेयर जमीन पर हरनंदीपुरम आवासीय योजना बसाने के लिए जमीन जुटाने का काम शुरू किया था। इसके तहत सैटेलाइट (satellite) और ड्रोन सर्वे से जमीन की चौहद्दी की पड़ताल की गई। योजना के लिए चुने गए गांव हैं: मोरटा, मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर और शाहपुर निज मोरटा।
राजस्व विभाग के साथ करीब दो महीने की पड़ताल के बाद जीडीए ने पहले चरण में पांच गांवों की 336 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत कर योजना को धरातल पर उतारने का फैसला किया है। पहले चरण के लिए मथुरापुर, शमशेर, चंपतनगर, भनेड़ा खुर्द और नगला फिरोज मोहनपुर गांव की जमीन खरीदी जा रही है। सहमति देने वाले किसान खसरा-खतौनी के सत्यापन (Verification of Khasra-Khatauni) के लिए जीडीए अधिकारियों के संपर्क में हैं।
किस गांव से कितनी जमीन ली जाएगी-
मथुरापुरः 14.60 हेक्टेयर
शमशेर: 86.54 हेक्टेयर
चंपतनगर: 33.98 हेक्टेयर
भनेड़ा खुर्द: 9.06 हेक्टेयर
नगला फिरोज मोहनपुर: 192.65 हेक्टेयर
प्रस्तावित सुविधाएं-
स्पोर्ट्स सिटी, मेडिसिटी, साइबर सिटी (cyber city), एड्यूसिटी, बड़े पार्क के साथ ही 15 फीसदी से ज्यादा हरित क्षेत्र और ई-व्हीकिल ट्रांसपोर्ट सर्विस (E-Vehicle Transport Service)।
सर्किल रेट से चार गुना कीमत-
जीडीए के सहायक अभियंता रुद्रेश शुक्ला (Engineer Rudresh Shukla) ने बताया कि पहले चरण के लिए जमीन सर्किल रेट (property circle rate) से चार गुना तक कीमत पर खरीदी जा रही है। इस प्रक्रिया में अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।