Delhi-NCR में बसाया जाएगा नया शहर, 10 लाख लोगों को मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं
Delhi-NCR - दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और विकास की जरूरतों को देखते हुए एक नए शहर को बसाने की योजना तैयार की जा रही है। यमुना एक्सप्रेसवे के पास विकसित होने वाला यह शहर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) और लग्जरी सुविधाओं से लैस होगा। इससे लाखों लोगों को रोजगार और बेहतर रहने की सुविधाएं मिलने की उम्मीद है-
HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi NCR Development Project) दिल्ली-NCR के विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे के पास ‘न्यू आगरा’ नाम से एक नए शहर को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। करीब 14,480 हेक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 60 गांव शामिल होंगे।
माना जा रहा है कि इससे लगभग 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और यह इलाका भविष्य में टूरिज्म व इंडस्ट्रियल हब (Tourism and industrial hub) के रूप में उभर सकता है। यह शहर जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से करीब 140-150 किमी दूर होगा, जिससे इसकी कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
नया आगरा बनेगा पर्यटन और मनोरंजन का बड़ा केंद्र-
नया आगरा पर्यटन और मनोरंजन का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में विकसित किया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के मास्टर प्लान 2041 के तहत इस नए शहरी क्षेत्र को तैयार किया जाएगा, जिससे आगरा के विकास को नई गति मिलेगी। यहां पर्यटकों के लिए बोटिंग, वॉकवे और रिवर फ्रंट जैसी आकर्षक सुविधाएं विकसित करने की योजना है, जिससे यह इलाका एक बड़ा टूरिज्म डेस्टिनेशन (tourism destination) बन सकता है।
तीन चरणों में विकसित होगा पूरा शहर-
मास्टर प्लान के अनुसार करीब 823.7 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीन रिवर बफर जोन विकसित किया जाएगा। इस जोन में अलग-अलग प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूलों और दुर्लभ पेड़-पौधों को लगाया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण (environmental protection) के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पूरा शहर तीन चरणों में विकसित किया जाएगा और इसे हरा-भरा व मनोरंजन का केंद्र बनाया जाएगा। खास तौर पर वेलनेस टूरिज्म (wellness tourism) पर जोर दिया जाएगा, जहां योग, आयुर्वेदिक मसाज, प्राकृतिक उपचार और बायोफिलिक वेलनेस सेंटर (Biophilic Wellness Center) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
स्थानीय हस्तशिल्प कारीगरी को मिलेगा बढ़ावा-
इसके अलावा इस शहर में स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक कारीगरी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यहां आने वाले पर्यटक मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की कारीगरी, कपड़ा रंगाई, बुनाई और पेंटिंग जैसी पारंपरिक कलाओं को करीब से देख सकेंगे।
साथ ही यहां खेल गांव और गोल्फ कोर्स विकसित (golf course developed) करने की भी योजना है। मास्टर प्लान के तहत 100 हेक्टेयर में गोल्फ कोर्स और 100 हेक्टेयर में खेल गांव प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा लगभग 460 हेक्टेयर क्षेत्र को मनोरंजन और ग्रीन स्पेस (green space) के लिए आरक्षित रखा जाएगा, जो कुल क्षेत्रफल का करीब 3.08 प्रतिशत होगा।
405 हेक्टेयर भूमि दो जोन में होगी विकसित-
पर्यटन क्षेत्र में लगभग 405 हेक्टेयर भूमि को दो अलग-अलग जोन में विकसित किया जाएगा। यहां लग्जरी और बजट होटल, रिसॉर्ट, एग्जीबिशन व ट्रेड सेंटर, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इसके अलावा शहर स्तर के दो और जिला स्तर के चार पार्क ग्रीन बेल्ट के तहत विकसित किए जाएंगे।
यह इलाका ट्रेपेजियम जोन (TTZ) में आता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक गतिविधियों (industrial activities) की अनुमति नहीं होगी। केवल 20 से कम प्रदूषण स्कोर वाले उद्योगों को ही प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ताजमहल की सुंदरता और पर्यावरण पर कोई असर न पड़े।
15 लाख लोगों को मिलेगा फायदा-
नए शहर में करीब 15 लाख लोगों के रहने और काम करने की व्यवस्था की जाएगी। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, बोर्ड बैठक में संशोधित मास्टर प्लान पेश किया जा चुका है। स्कूल ऑफ प्लानिंग (School of Planning) से मंजूरी मिलने के बाद अब आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां ली जा रही हैं, जिसके बाद विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।
रोजगार के होंगे नए अवसर पैदा-
यह योजना आगरा को पर्यटन, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक केंद्र (cultural center) के रूप में और मजबूत बनाने में मदद करेगी। इसके साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।