Private Employees Salary : प्राइवेट कर्मचारियों की इस साल कितनी बढ़ेगी सैलरी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Private Employees Salary : हर साल की तरह इस बार भी प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों की नजर सैलरी इंक्रीमेंट पर टिकी है। ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2026 में कंपनियां औसतन इतने प्रतिशत से ज्यादा वेतन बढ़ा सकती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक स्किल्स और परफॉर्मेंस सैलरी बढ़ोतरी में सबसे अहम भूमिका निभाएंगे-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Salary Hike 2026) हर साल मार्च आते ही नौकरीपेशा लोगों के बीच सैलरी इंक्रिमेंट को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं। टेक्नोलॉजी, फाइनेंस से लेकर ई-कॉमर्स सेक्टर (e-commerce sector) तक काम करने वाले कर्मचारी उम्मीद लगाए रहते हैं कि इस बार वेतन में अच्छा इजाफा होगा। अगर आप भी इसी इंतजार में हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है।

दरअसल, इस साल प्रोफेशनल्स की सैलरी में बढ़ोतरी (salary hike) सीमित रह सकती है। EY की फ्यूचर ऑफ पे 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां 2026 में औसतन 9.1 फीसदी तक सैलरी बढ़ा सकती हैं। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले थोड़ा ज्यादा जरूर है, लेकिन उम्मीद के अनुरूप बड़ी छलांग नहीं मानी जा रही है।

हालांकि कंपनियों से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इंक्रीमेंट देते समय वे उन कर्मचारियों को प्राथमिकता देंगी, जिनके पास बेहतर स्किल्स हैं और जिनका परफॉर्मेंस लगातार अच्छा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑर्गनाइज़ेशन अपने कंपनसेशन फ्रेमवर्क को धीरे-धीरे रीस्ट्रक्चर कर रही हैं। बदलती बिज़नेस प्रायोरिटीज़ (business priorities) के साथ अब स्किल-बेस्ड और परफॉर्मेंस-लिंक्ड पे पर पहले से कहीं ज्यादा फोकस किया जा रहा है।

अब सैलरी में इजाफा सिर्फ अनुभव या पद के आधार पर नहीं होगा, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कर्मचारी कंपनी के लिए कितना उपयोगी साबित हो रहा है और वह कितने बेहतर रिजल्ट दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब आधी कंपनियां स्किल-आधारित वेतन प्रणाली को अपना चुकी हैं या इसे लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं।

किस सेक्टर में कितनी हो सकती है सैलरी बढ़ोतरी-

इस साल GCC यानी ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स में सबसे ज्यादा सैलरी इंक्रीमेंट होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा डिजिटल और टेक्नोलॉजी, वित्तीय सेवाएं और फार्मा जैसे सेक्टर्स में भी करीब 10 फीसदी तक वेतन बढ़ोतरी संभव है।
EY India की फ्यूचर ऑफ पे रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल डिमांड मजबूत रहने के कारण GCC सेक्टर में औसतन 10.4% तक सैलरी बढ़ सकती है, जबकि फाइनेंस सेक्टर में भी लगभग 10% इंक्रीमेंट की संभावना है।

ई-कॉमर्स सेक्टर में इस साल 9.9 फीसदी तक सैलरी इंक्रिमेंट (salary increment) होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं लाइफ साइंसेज और फार्मास्यूटिकल्स सेक्टर में कर्मचारियों की सैलरी 9.7 फीसदी तक बढ़ सकती है। इससे साफ है कि टेक्नोलॉजी, फाइनेंस, ऑनलाइन कारोबार और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर्स में कुशल और परफॉर्मेंस-आधारित कर्मचारियों की मांग लगातार बनी हुई है।

नौकरी छोड़ने का ट्रेंड हुआ कमजोर-

रिपोर्ट के अनुसार नौकरी छोड़ने यानी एट्रिशन की दर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। साल 2025 में कुल एट्रिशन रेट घटकर 16.4 फीसदी रह गया, जबकि 2024 में यह 17.5 फीसदी था। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि जॉब मार्केट पहले के मुकाबले ज्यादा स्थिर हो रहा है। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि 80 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी स्वेच्छा से नौकरी छोड़ रहे हैं, यानी वे छंटनी के कारण नहीं बल्कि बेहतर अवसरों की तलाश में जॉब बदल रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक फाइनेंस सेक्टर में सबसे ज्यादा, करीब 24 फीसदी एट्रिशन दर्ज किया गया है। इसके अलावा प्रोफेशनल सर्विसेज और हाई-टेक व आईटी सेक्टर में भी नौकरी छोड़ने की दर अपेक्षाकृत अधिक बनी हुई है। वहीं, इसके उलट ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) में एट्रिशन दर काफी कम रही, जो लगभग 14.1 फीसदी दर्ज की गई।

16 सेक्टर और 178 कंपनियों के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट-

इस रिपोर्ट में भारत के 16 विभिन्न सेक्टरों और 178 कंपनियों के डेटा का गहन विश्लेषण किया गया है। इससे साफ होता है कि वेतन वृद्धि के अनुमान किसी एक सेक्टर पर नहीं, बल्कि व्यापक सर्वे के आधार पर तैयार किए गए हैं। कंपनियां अब प्रतिस्पर्धा, लागत नियंत्रण और टैलेंट रिटेंशन को ध्यान में रखते हुए सैलरी स्ट्रक्चर तय कर रही हैं।

भारत दुनिया में आगे-

साल 2026 में भारत की 9.1% सैलरी बढ़ोतरी दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले कहीं ज्यादा मानी जा रही है। Aon के ग्लोबल आउटलुक के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में सैलरी बढ़ोतरी 4.3%, यूनाइटेड किंगडम में 4.1%, जर्मनी में 3.9%, जापान में 3.7%, चीन में 4.8%, सिंगापुर में 4.2%, ऑस्ट्रेलिया में 3.9% और ब्राजील में 4.9% रहने का अनुमान है।

इसके अलावा, 2026 में भारत की GDP ग्रोथ करीब 6.2% रहने का अनुमान है, जबकि कई विकसित देशों में यह 2% से भी कम रहने की संभावना जताई जा रही है। ये आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। मजबूत सैलरी ग्रोथ देश की सुदृढ़ घरेलू अर्थव्यवस्था और कुशल टैलेंट की लगातार बढ़ती मांग को भी दर्शाती है।