Property Rates Delhi NCR : अक्टूबर 2026 तक 1 साल में दिल्ली एनसीआर में प्रोपर्टी ने दिया कितना रिटर्न, देखें पूरी रिपोर्ट
HR Breaking News : (Property Rates Delhi NCR) दिल्ली एनसीआर में प्रॉपर्टी खरीदना अक्सर लोगों का सपना बन गया है। पिछले कुछ सालों में दिल्ली एनसीआर में प्रॉपर्टी की कीमत में काफी ज्यादा उछाल देखने को मिला है। अक्सर लोगों के मन में सवाल चल रहा है कि साल 2025 में अगर दिल्ली एनसीआर में प्रॉपर्टी (Property In Delhi NCR) ली होती तो अब तक उसे कितना मुनाफा निकल जाता है। चलिए जान लेते हैं दिल्ली एनसीआर में पिछले 1 साल से प्रॉपर्टी मार्केट का हाल (property market) क्या कैसा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार पता चला है कि जुलाई से सितंबर के बीच दिल्ली एनसीआर में घरों की औसत कीमत (Average price of homes in Delhi-NCR) में सालाना आधार पर 12% तक का इजाफा दर्ज किया गया है। इसका मतलब है कि पिछले साल के मुकाबले अब घर खरीदने के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
रियल एस्टेट कंसल्टेंट एनारॉक (Real estate consultant ANAROCK) की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में घरों की औसत कीमत जुलाई सितंबर की तिमाही में लगभग 9980 रुपए प्रति वर्ग फुट पहुंच गई है। पिछले साल इस अवधि में यह कीमत 8900 रुपए प्रति वर्ग फुट थी। घर महंगे होने की सबसे बड़ी वजह (Reasons for high housing prices) जमीन और निर्माण सामग्री की बढ़ रही लागत है। इसके अलावा बिल्डर अब घरों के बजाय प्रीमियम और लग्जरी प्रोजेक्ट (Premium and Luxury Projects) पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
टॉप 7 शहरों की लिस्ट में दिल्ली एनसीआर में घरों की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल (house prices in Delhi NCR)
देश के साथ प्रमुख शहरों में घरों की औसत कीमतों में सालाना 7% की बढ़ोतरी हुई है। कीमत 9105 प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 9714 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गई है। इन सभी शहरों में दिल्ली एनसीआर सबसे आगे रहा है जहां घरो की कीमतों में सबसे ज्यादा 12% का उछाल दर्ज किया गया है। एनारॉक की इस रिपोर्ट में दिल्ली-NCR के अलावा बेंगलुरु, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन , पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता शामिल है।
कोविड के बाद घरों की कीमतों में क्यों आई तेजी?
एनारॉक के वॉइस अध्यक्ष संतोष कुमार (Vice Chairman of ANAROCK) की तरफ से बताया गया है कि कोविड महामारी के बाद देश के सभी बड़े शहरों में ग्रहों की कीमतें तेजी से बढ़ी है। इसकी मुख्य वजह जमीन और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत बताई जा रही है। वॉइस अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि दिल्ली एनसीआर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम जैसे इलाकों में जमीन की कीमतें तेजी से बढ़ी है। इसका अंदाजा डेवलपमेंट अथॉरिटीज की तरफ से की गई जमीन की नीलामी से भी लगाया जा सकता है। संतोष कुमार के अनुसार रियल एस्टेट डेवलपर्स (Real estate developers) अब मुख्य रूप से प्रीमियम लग्जरी और अल्ट्रा लग्जरी घरों के प्रोजेक्ट (new house project) लांच कर रहे हैं। इसका असर भी बाजार में घरों की औसत कीमतों पर पड़ रहा है।
घरों की मांग अभी भी मजबूत और लग्जरी प्रॉपर्टी पर ज्यादा फोकस
BPTP लिमिटेड के सीईओ और प्रेसिडेंट माणिक मालिक ने कहा कि घरों की मांग अभी भी स्थिर बनी हुई है। उनके मुताबिक एनसीआर में लगातार बेहतरीन हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर, लगातार बढ़ रही कनेक्टिविटी और रोजगार के नए मौके उत्पन्न होते हुए देखा रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी मार्केट (Residential property market) भी मजबूत हो रही है। खास तौर पर प्रीमियम और लग्जरी कारों की मांग अच्छी बनी हुई है। वहीं, M3M इंडिया के प्रेसिडेंट रॉबिन मंगल ने कहा कि एनसीआर में बिक्री में थोड़ी गिरावट के बावजूद घरों की कीमतों में सालाना 12% की बढ़ोतरी बाजार की मजबूती को दर्शा रही है। अच्छी कनेक्टिविटी वाले इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमत (property prices) और ज्यादा बनी हुई है।
घर अब सिर्फ निवेश नहीं बल्कि बन रही है जरुरत
अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट लिमिटेड (Alpha Corp Development Limited) के सीईओ और डायरेक्टर आशीष सरीन के मुताबिक सितंबर तिमाही में रेजिडेंशियल रियल एस्टेट मार्केट का प्रदर्शन दर्शा रहा है कि वैश्विक और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद घरों की मांग (Demand for housing) मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि खरीददारों की मजबूत मांग बिक्री को सहारा दे रही है। अब लोग घर को सिर्फ निवेश का जरिया नहीं बल्कि लंबे समय की जरूरत और भविष्य की सुरक्षा के तौर पर देख रहे हैं।