Real Estate बाजार में छाई सुस्ती, इन 9 शहरों में गिरी डिमांड, बिक्री हुई कम, देखें रिपोर्ट

Real Estate : रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले काफी समय से तेजी देखने को मिल रही थी। वहीं अब इसमें सुस्ती देखने को मिल रही है। हाल ही में एक रिपोर्ट (Real Estate New Report) सामने आई है, जिसमें उन नो शहरों के बारे में बताया गया है जहां पर प्रॉपर्टी की डिमांड में गिरावट देखी जा रही है। यहां पर प्रॉपर्टी की बिक्री कम हो रही है। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।

 

HR Breaking News (Real Estate Market) रियल एस्टेट बाजार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें कि देश के रियल एस्टेट बाजार में इन दिनों सुस्ती का माहौल बना हुआ है। जारी की गई ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश के 9 बड़े शहरों में प्रॉपर्टी (Property Price Hike) की डिमांड में गिरावट देखी जा रही है। इस सीधा प्रभाव घरों की बिक्री पर देखने को मिल रही है। लगातार बढ़ती ब्याज दरें, महंगाई और खरीदारों की सतर्कता की वजह से लोग फिलहाल निवेश से दूरी बनाते दिख रहे हैं। खबर में जानिये इस बारे में।

 

 


चौथी तिमाही में घटकर इतनी हुई इकाई 

रियल एस्टेट सेक्टर (Demand in Real Estate Sector) में डिमांड में कमी और आवासीय संपत्तियों की नई पेशकश में गिरावट की वजह से भारत के शीर्ष 9 शहरों में घरों की बिक्री वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में घटकर 98,019 इकाइयों पर आ पहुंची है। एक साल पहले  ये समान अवधि में 1,16,137 इकाइयां ही थी।

नवी मुंबई और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Property Price Hike in NCR) को छोड़कर बाकी के सात शहरों में बिक्री में गिरावट देखने को मिल रही है। रियल एस्टेट से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली कंपनी प्रापइक्विटी ने बुधवार को बताया है कि ये जुलाई-सितंबर, 2021 के बाद दर्ज की गई तिमाही आधार पर सबसे कम बिक्री दर्ज की गई है।


रियल एस्टेट के घटे प्राइज 

बता दें कि ये आंकड़े प्राथमिक आवासीय बाजारों से संबंध खाती है। इसके साथ ही में अन्य सात शहर बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई, नवी मुंबई और पुणे में भी रियल एस्टेट (Real Estate Price Fall) के प्राइज घट रहे हैं। प्रापइक्विटी के संस्थापक और सीईओ समीर जसूजा ने बताया है कि परंपरागत रूप से अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में त्योहारों से बिक्री में काफी तेजी देखने को मिल रही है और नई परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

प्रॉपर्टी सेल्स में गिरावट आने का कारण 

9 शहरों में से सिर्फ नवी मुंबई और दिल्ली-NCR में इस तिमाही में बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जोकि क्रमशः 13 प्रतिशत और 4 प्रतिशत तक उछली है। वहीं बाकी सात शहरों में गिरावट (India real estate market) दर्ज की जा रही है। इसमें बिक्री 31 प्रतिशत तक गिर गई है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर, इस तिमाही में कुल हाउसिंग बिक्री में सिर्फ 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
 

वहीं घर खरीदने वालों की डिमांड घटकर 98,019 यूनिट पर जा पहुंची है। जोकि पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत तक कम रही है। और Q3 2025 की तुलना में 2 प्रतिशत की गिरावट (residential property sales India) दर्ज की गई है। इसके साथ ही हालिया गिरावट बाजार में 'प्रीमियम' उत्पादों की ओर रुझान को दर्शाती है जिसका प्रमाण मात्रा में कमी के बावजूद मूल्य वृद्धि से मिल पाता है।

बेंगलुरू में कम हुई घरों की बिक्री 

देश के सबसे बड़े हाउसिंग मार्केट में से एक, बेंगलुरु में 15,603 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई है। जोकि पिछली तिमाही के मुकाबले 7 प्रतिशत तक कम रही है। हालांकि सालाना आधार (housing demand decline India) पर ये लगभग बराबर ही रही है। चेन्नई और कोलकाता में पिछली तिमाही के मुकाबले 16 परसेंट की ज्यादा गिरावट दर्ज की जा रही है। हालांकि सालाना आधार पर बिक्री क्रमशः 3 प्रतिशत और 11 प्रतिशत तक कम रही है।


पिछले साल के मुकाबले हुई कम बढ़ौतरी 

इसके साथ ही में दूसरी ओर, नवी मुंबई एक मजबूत आउटपरफॉर्मर के तौर पर देखा जा रहा है। यहां पर बिक्री में QoQ 17 प्रतिशत और सालाना 13 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। प्रमुख बाजारों में पुणे (Indian real estate sector analysis) में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। यहां पर एब्जॉर्प्शन घटकर 15,788 यूनिट पर पहुंच गई है। ये पिछले साल के मुकाबले 31 प्रतिशत तक कम रही है।