Silver Rate Down : चांदी में बड़ी गिरावट के संकेत, एक्सपर्ट्स ने चेताया, इतनी रह जाएगी कीमत
HR Breaking News (Silver Price Down) सोने की कीमतें लगातार तेजी से चल रही हैं। चांदी की कीमतों का ग्राफ तो और भी तेजी से चल रहा है। चांदी में इतनी तेजी ने लोगों को हैरान भी कर रखा है। ऐसे में अब चांदी को लेकर एक्सपर्ट्स का नया अनुमान आया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार चांदी की कीमतों में गिरावट आने की भरपुर संभावना है।
इंटरनेशनल लेवल व राष्ट्रीय मार्केट में हाई लेपर पर चांदी
चांदी की कीमतें (Silver Rate Latest Update) पिछले छह महीने में ही दो गुणा से ज्यादा बढ़ चुकी है। अंतरराष्ट्रीय लेवल पर चांदी की कीमत 100 डॉलर प्रति औंस को पार कर चुकी है। वहीं, चांदी के बाजार में देश में भी काफी तेजी है। एमसीएक्स पर चांदी 3,39,000 रुपये के ऊपर पहुंच चुकी है। वहीं, सर्राफा बाजार में भी चांदी के दाम 3 लाख 35 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास चल रहे हैं। चांदी का ईटीएफ भी 300 रुपये के आसपास चल रहा है।
एक्सपर्ट ने दी गिरावट की चेतावनी
चांदी की कीमतों में तेजी (Silver Price Down) का सिलसिला जारी है। वहीं एक्सपर्ट इस तेजी को जोखिम भरा सट्टेबाजी जैसा मान रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की कीमतों में करेक्शन आएगा। चलिए जानते हैं चांदी की कीमतों में क्या बदलाव आने की संभावना है।
बैंक ऑफ अमेरिका के स्ट्रैटेजिस्ट का अनुमान
एक्सपर्ट्स फिलहाल चांदी को असल मांग (demand of Silver) की बजाय सट्टेबाजी ज्यादा मान रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैंक ऑफ अमेरिका के स्ट्रैटेजिस्ट Michael Widmer ने कहा है कि फिलहाल चांदी की कीमतें व्यवहारिक नहीं है। एक्सपर्ट का कहना है कि आज के समय में चांदी की व्यवहारिक कीमत 100 से ऊपर नहीं 60 डॉलर प्रति औंस रहनी चाहिए। फिलहाल औद्योगिक मांग सोलर पैनल सेक्टर से ज्यादा है। यह 2025 में हाई पर गई है। इससे चांदी बढ़ी है। दूसरी तरफ निवेशक भी चांदी में भरोसा जता रहे हैं। ऐसे में चांदी में अब गिरावट भी आ सकती है।
विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
मीडिया में रिपोर्ट है कि StoneX की एनालिस्ट Rhona O’Connell भी चांदी में गिरावट का अनुमान लगा रही हैं। उनका भी मानना है कि चांदी की मौजूदा तेजी जायज नहीं है। यह एक सट्टेबाजी की लहर है। इसी वजह से चांदी खुद से रफ्तार पकड़ रही हैं। सोने को भू-राजनीतिक तनाव बढ़ावा दे रहा है। इसी का लाभ चांदी को भी मिल रहा है। चांदी की यूनिट कीमत अभी भी कम दिखती है। ऐसे में हर को चांदी में हाथ आजमाना चाहता है और तेजी का लाभ लेना चाह रहा है। जब गिरावट आनी शुरू होगी तो अचानक बड़ी गिरावट का के लिए निवेशकों को तैयार रहना होगा।
इस वजह से भी गिर सकती है चांदी की कीमत
चांदी की कीमतों को लेकर एक्सपर्ट सोने चांदी के अनुपात को लेकर भी चिंतित हैं। हांलांकि पहले एक्सपर्ट्स ने माना था कि सोने चांदी के अनुपात की वजह से सोना गिरेगा, लेकिन चांदी ने बहुत तेजी से अनुपात को कम करते हुए रिवर्स अनुपात बना दिया है। अब सोने और चांदी के भाव में अंतर भी तेजी से साथ घट रहा है। आज के समय में 50 औंस चांदी में 1 औंस सोना आ जाता है। वहीं, करीब 9 महीने पहले यह आंकड़ा 105 औंस पर था। चांदी की तेजी एक संतुलित प्रदर्शन नहीं है।
चांदी की सप्लाई में भी आ रही समस्या
दूसरी तरफ चांदी की मांग बढ़ने व सप्लाई कम होना चांदी की कीमतों को बढ़ा रहा है। चांदी की मांग पूरी न होने की कई वजह है। हर साल करीब 20% चांदी रीसाइक्लिंग होती है। ऊंची कीमतों के बावजूद हाई-ग्रेड रिफाइनिंग क्षमता की कमी के कारण सप्लाई तेजी से बाजार में नहीं आ पा रही। माइनिंग सेक्टर की परेशानियों के चलते भी 5 साल से लगातार चांदी में सप्लाई डेफिसिट बनी हुई है। इसकी 2026 में भी रहने की उम्मीद है।
आगे क्या होगी चांदी की हालात
चांदी की कीमतों की बात करें तो आगे चांदी के बाजार में नरमी आ सकती है। अब बाजार में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है और चांदी के भाव टूट सकते हैं। BNP Paribas के सीनियर कमोडिटी स्ट्रैटेजिस्ट David Wilson ने बताया कि निवेशकों के चांदी में कुदने से निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली आने पर चांदी गिर सकती है। हालांकि गिरावट 40 प्रतिशत तक होना मुश्चिकल है। ऐसा होता है तो चांदी 1.80 लाख के आसपास आ सकती है। ऐसी संभावनाओं के चलते निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को बंटा हुआ रखना चाहिए।