Haryana में सरकार का बड़ा फैसला, इन बैंकों में बंद होंगे सरकारी खाते
Haryana - हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि हरियाणा सरकार ने इन सरकारी खातों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। अब सभी सरकारी खाते केवल इन बैंकों में ही खुलेंगे। प्राइवेट बैंक में खाता खोलने के लिए पहले वित्त विभाग से अनुमति लेना जरूरी होगा...इस रिपोर्ट से जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana) हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) में सरकारी खातों को बंद करने का फैसला लिया है। इसके तहत सभी विभागों और बोर्ड-निगमों को इन बैंकों में जमा राशि निकालकर खाते बंद (account closed) करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सरकारी खाते केवल राष्ट्रीयकृत बैंकों (Government accounts can be opened only in nationalised banks) में ही खोले जाएंगे। अगर किसी विभाग को प्राइवेट बैंक में खाता खोलना पड़े, तो उसके लिए पहले वित्त विभाग से ठोस कारण बताकर मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष, उपायुक्त, बोर्ड-निगमों और सरकारी कंपनियों/स्वायत्त निकायों के प्रबंध निदेशक, मुख्य प्रशासक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, साथ ही विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार (Registrars of Universities) और मंडलायुक्तों को निर्देश जारी कर दिया है। अब विभागीय योजनाओं, परियोजनाओं और कार्यक्रमों के लिए बैंक खाते खोलने की स्वीकृति प्रशासनिक सचिवों को देने का अधिकार होगा।
अगर कोई विभाग राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता नहीं खोलकर निजी बैंक से लेन-देन करना चाहता है, तो उसे इसका कारण और प्रस्तावित खाते/योजना का पूरा विवरण वित्त विभाग को देना होगा। वित्त विभाग की मंजूरी के बिना खोला गया कोई भी खाता अनियमित माना जाएगा और तुरंत बंद कर दिया जाएगा। आदेश का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रशासनिक और वित्तीय कार्रवाई की जाएगी। IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सरकारी कामकाज से हटा दिया गया है।
वित्त विभाग ने पाया है कि कुछ बैंक, विभागों और निगमों द्वारा किए जा रहे सावधि जमा की शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई मामलों में निर्देश के बावजूद बैंक लचीली जमा या उच्च ब्याज वाले सावधि जमा (high interest fixed deposits) साधनों में राशि न डालकर बचत खातों में रोक रहे हैं, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हो रहा है।
कई विभाग और निगम अपने सावधि जमा और बैंक खातों का नियमित मिलान नहीं कर रहे हैं, जिससे अनियमितताओं का समय पर पता नहीं चल पा रहा। इन्हें सावधि जमा नियमों और शर्तों (Fixed Deposit Terms and Conditions) के अनुसार ही जमा करने और सभी खातों का मासिक आधार पर मिलान करने का निर्देश दिया गया है।
संबंधित बैंकों के साथ फौरन विसंगतियों का मुद्दा उठाकर किसी भी गंभीर अनियमितता की रिपोर्ट वित्त विभाग को देनी होगी। सभी विभागों और बोर्ड-निगमों को 31 मार्च तक अपने बैंक खातों का मिलान कर, 4 अप्रैल तक अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।