Wheat Bhav: गेहूं के भाव में जोरदार उछाल, एक महीने में 200 रुपये तक महंगा हुआ अनाज, आटे के दाम भी बढ़े
HR Breaking News (Wheat Bhav) चीनी और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब गेहूं के भाव में भी तेजी देखने को मिल रही है. पिछले करीब एक महीने में गेहूं की कीमतों में 200 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ोतरी हुई है. अनाज मंडी में गेहूं का भाव बढ़कर करीब 2850 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है. कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
गेहूं के भाव में उछाल के पीछे बाजार में गेहूं का स्टॉक, निर्यात पर रोक हटाने और अगले रबी सीजन के लिए सरकार की तरफ से घोषित होने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को माना जा सकता है. कारोबारियों का अनुमान है की अगली फसल के लिए गेहूं का एमएसपी पिछले साल की तुलना में बढ़ाया जा सकता है.
पिछले सीजन में कितना था गेहूं का MSP
जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2026 में किसानों को गेहूं के लिए 2585 रुपये प्रति क्विंटल का एमएसपी मिला था. यह वर्ष 2025 के मुकाबले 160 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा था. मौजूदा समय में मंडियों में गेहूं इससे ऊपर के भाव पर बिक रहा है और कुछ बाजारों में कीमत 2850 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है.
आटे की कीमतों पर भी असर
गेहूं के बढ़ते भाव का सीधा असर आटे की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है. खुले बाजार में चक्की का आटा करीब 34 से 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. वहीं, 10 किलो का नॉन ब्रांडेड आटा पैकेट 350 से 360 रुपये तक पहुंच गया है. थोक बाजार में 44 किलो आटे की बोरी का भाव करीब 1450 रुपये है. दूसरी ओर 10 किलो के ब्रांडेड आटे के पैकेट की कीमत अलग-अलग कंपनियों के हिसाब से करीब 390 से 440 रुपये तक चल रही है.
कारोबारियों के मुताबिक, यदि गेहूं की कीमतों में आगे भी तेजी बनी रहती है और नई फसल आने तक बाजार में आपूर्ति सीमित बनी रहती है, तो आटे के दाम पर भी इसका असर पड़ सकता है। इससे आम आदमी की रोजमर्रा की रसोई का बजट और बढ़ सकता है.