महंगाई बढ़ी तो कंपनियों ने हल्के कर दिए पैक, रेट वहीं, पैकेट का वजन हुआ कम
त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है। वहीं, वैश्विक अनिश्चितता के चलते कच्चे सामान की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में कंपनियों की तरफ से प्रोडक्ट की कीमत ना बढ़कर पैकेट का वजन घटाकर प्रोडक्ट मार्केट में उतारे जा रहे हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में खबर में विस्तार से-
HR Breaking News (Business News) नवरात्र शुरू होने वाले हैं, इसके बाद दशहरा और फिर दीपावली का त्योहार आएगा। त्योहारी सीजन नजदीक आ रहा है तो दूसरी तरफ प्रोडक्ट्स की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। कच्ची सामग्री यानी कि रॉ मेटेरियल की कीमत बढ़ने का असर कंपनियों पर पड़ने लगा है। कंपनियों ने इसका फार्मूला यह निकला है कि प्रोडक्ट का वजन घटा दिया है और कीमत वहीं रखी है। यह इसलिए किया गया है कि ग्राहक पर सीधा आर्थिक बोझ नहीं आएगा। रेट बढ़ने से कहीं ना कहीं कस्टमर की सोच प्रभावित हो सकती है। यह एक साइकोलॉजिकल तरीका है, जिससे ग्राहक अपने पहले की आदत अनुसार इस रेट में सामान खरीदना रहेगा।
छोटे पैक पर 2 से 7% वजट कटा तो बड़े पैक पर 5 से 7% दाम बढ़ा
कंपनियों की तरफ से वजन में काफी कटौती की गई है। छोटी पैकिंग वाले सामान पर 2 से 7% की कटौती की जा रही है तो बड़े पैक के समान पर 5 से 7% दाम बढ़ाए जा रहे हैं। वहीं बड़े पैक में भी वजन कम कुछ कंपनियों के द्वारा कटौती वजन में की जा रहा है।
रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों पर रही है रणनीति
मार्केट में यह रणनीति रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों पर दिख रही है, जिसमें चाय, चीनी, डिटर्जेंट, शैंपू, साबुन, हेयर ऑयल, नूडल्स, नमक, बिस्कुट आदि आते हैं। एक तरफ जहां पाम आयल, पैकेजिंग और कच्चे तेल से जुड़े उत्पाद लगातार महंगे हो रहे हैं तो दूसरी तरफ ग्राहक कीमतों को लेकर सतर्क भी हैं। ऐसे में कंपनी कीमत वहीं, रखना चाहती है ताकि बिक्री पर ज्यादा असर न पड़े।
रिसर्च में आया यह रिजल्ट
डाटा रिसर्च फर्म नेल्सन इंडिया के एक अधिकारी के अनुसार कंपनियों की तरफ से ₹10, 20 और ₹50 के पैक महत्वपूर्ण हैं। अगर इनके दाम बढ़ जाते हैं तो ग्राहक को सामान ज्यादा महंगा लगेगा, इसलिए कंपनियों की तरफ से आसान रास्ता वजन घटाने का चुना गया है। बड़े पैक में कीमत ज्यादा बढ़ाई जा सकती है, लेकिन रिटेल और ई-कॉमर्स के समान में छोटे पैक पर कीमत बढ़ने से ग्राहक प्रभावित हो सकते हैं।
इन कंपनियों की लगातार बढ़ रही लागत (Inflation in retail sector)
दुनिया भर में तनाव के माहौल के बीच लगातार कंपनियों की लागत बढ़ रही है। यह खासकर स्नेक्स, नमकीन, बिस्कुट बनाने वाली कंपनियों की लागत में इजाफा हो रहा है। एक फूड कंपनी के अधिकारी के अनुसार 6 से 7 महीने में ही कच्चे माल में 7% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। पाम आयल पैकेजिंग और दूसरी चीजों की कीमत लगातार बढ़ रही है। वहीं डेयरी उत्पादों की कीमत भी बढ़ रही है। त्योहारी सीजन में दूध और महंगा हो सकता है और घी के रेट भी बढ़ सकते हैं, जिससे लागत बढ़ना लाजमी है।