Gold 1 लाख से नीचे आएगा या नहीं, एक्सपर्ट ने किया खुलासा
Sone Ki Kimat - सोने की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। फरवरी में आई जबरदस्त तेजी के बाद मार्च में तगड़ी गिरावट देखने को मिली है। ऐसे में खरीदार और निवेशकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आने वाले दिनों में सोना (sone ka rate) 1 लाख से नीचे आएगा या फिर इसमें जबरदस्त तेजी देखने को मिलेगी। सोने की कीमतों को लेकर हाल ही में एक्सपर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। चलिए नीचे खबर में जानते हैं विस्तार से -
HR Breaking News - (Gold Rate)। सोने ने साल 2025 में शानदार रिटर्न दिया। 1 साल में करीब सोना 74% से ज्यादा महंगा हुआ। जनवरी 2025 की शुरुआत में 10 ग्राम सोने की कीमत 75,000 थी, जबकि दिसंबर 2025 तक सोना 1,40,000 रुपए को पार कर गया। जनवरी 2026 की शुरुआत में भी सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। लेकिन 29 जनवरी को सोने में ऐतिहासिक गिरावट (Gold rate down) आई। सोना 1,80,000 रुपए की ऑल टाइम हाई से टूटकर 1,50,000 रुपए से भी नीचे आ गया।
MCX पर सोने का रेट -
एमसीएक्स (MCX Gold Rate) पर 23 मार्च और 24 मार्च को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सोना कल सस्ता होकर 1,38,912 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ है। ऐसे में अब खरीदार और निवेश को के मन में सवाल उठ रहा है कि आने वाले दिनों में सोना और सस्ता होगा या फिर कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। बता दें कि हाल ही में एक्सपर्ट ने सोने की कीमतों (gold rate) को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, क्रेमलिन अमेरिका (Kremlin America) के साथ आर्थिक साझेदारी की संभावना तलाश रहा है। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू मॉस्को का डॉलर आधारित व्यापार निपटान पर लौटना है। यह कदम ब्रिक्स देशों के डी-डॉलरीकरण यानी अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिक्स सदस्य व्यापार में डॉलर की जगह लेने के लिए जमकर सोना जमा कर रहे थे, लेकिन रूस का डॉलर में लौटना सीधे तौर पर इस मुहिम और सोने की बढ़ती कीमतों को प्रभावित करेगा।
क्या रूस सच में डॉलर में वापस लौट रहा है?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रूस डॉलर में वापस लौट रहा है। खबर में दावा किया गया है कि क्रेमलिन अमेरिका के साथ व्यापार साझेदारी की संभावना तलाश रहा है, जिसमें लेन-देन डॉलर में होगा, क्योंकि ट्रम्प किसी अन्य रूप में भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन प्रशासन रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त होने के मद्देनजर इस तरह की ट्रेड डील (Trade Deal) पर विचार कर रहा है, जो एक संभावित शांति समझौते का संकेत है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार रूस ने अभी तक ऐसी खबरों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन इतने संवेदनशील मामले पर मॉस्को की ओर से कोई खंडन न आना डिमांड-सप्लाई के खेल में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
ये देश तेजी से खरीद रहे सोना -
ब्रिक्स उभरते देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) का एक महत्वपूर्ण आर्थिक समूह है, जो सोना जमा करके तेजी से डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स देशों के पास वैश्विक सोने के भंडार (gold reserves) का लगभग 20% है, लेकिन अपने रणनीतिक सहयोगियों के साथ मिलकर ये अब वैश्विक सोने के उत्पादन का लगभग 50% हिस्सा रखते हैं। इस रणनीति में रूस और चीन सबसे आगे रहे। 2024 में, चीन ने 380 टन सोने का उत्पादन किया, जबकि रूस ने 340 टन का योगदान दिया। सितंबर 2025 में ब्राजील ने 2021 के बाद पहली बार 16 टन सोना खरीदा।
सोने में कितनी आएगी गिरावट?
सोने की कीमतों (Sone ki kimat) की डिमांड-सप्लाई में संरचनात्मक बदलाव की उम्मीद करते हुए, अमित गोयल का मानना है कि सोने की कीमतों में अभी भी जबरदस्त तेजी है। डी-डॉलराइजेशन प्रक्रिया में इस तरह के संरचनात्मक बदलाव से वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा घबराहट में बिकवाली शुरू हो सकती है, जिससे डिमांड-सप्लाई का असंतुलन पीली धातु के पक्ष में कमजोर पड़ सकता है।
2027 के अंत तक क्या होगा सोने का रेट -
एक्सपर्ट का कहना है कि 2027 के अंत तक भारत में सोने का भाव (gold rate) 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ सकता है और कॉमेक्स सोने कीमत 3,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि भारत में सोने की दर 2027 के अंत तक 90,000 से 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ सकती है। हालांकि, यह गिरावट एक झटके में नहीं आएगी। कई बार धीरे-धीरे सस्ता होकर सोना नीचे आएगा।