{"vars":{"id": "93802:4123"}}

हरियाणा को 2 नई रेलवे लाइनों का तोहफा, दशकों पुराना इंतजार खत्म

TODAY HARYANA NEWS : हरियाणा के लोगों को दो नई रेलवे लाइनों का तोहफा मिलने जा रहा है। इस पर सरकार ने हामी भी भर दी है। आईये जानते है ये लाइने कहां और कब बनेंगी
 
 

HR BREAKING NEWS (ब्यूरो)।  हरियाणा के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. लोगों की लगभग 40 साल पुरानी एक मांग पूरी होती नजर आ रही है. चंडीगढ़ से यमुनानगर तक के रूट पर रेलवे लाइन बिछाने (Railway line from Chandigarh to Yamunanagar) के लिए सर्वे पहले ही हो चुका है, लेकिन तकनीकी पेंच फंसने और जमीन उपलब्ध ना होने के चलते रेलवे लाइन अब तक बिछाई नहीं सकी है। 

आपके लिए जरूरी सूचना हरियाणा के लोगों का सीएम का तोहफा, राज्य में इन लोगों को मिलेगा मकान


अब सरकार ने इस परियोजना को पूरा करने का ऐलान किया है. सरकार के इस कदम से चंडीगढ़, नारायणगढ़ और यमुनानगर रुट पर लोगों को काफी सहूलियत होने की उम्मीद है. हालांकि ये एकलौती रेल लाइन नहीं है इसके अलावा पानीपत-मेरठ रेल लाइन को भी इसमें शामिल किया गया है, जिसकी घोषणा 2010-11 के रेल बजट में की गई थी. 


948 करोड़ रुपये आएगी लागत


ये लाइन भी घोषणा के बाद से अटकी हुई, लेकिन अब फिर से इस प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद जगी है. यदि पानीपत से मेरठ को रेलवे लाइन से जोड़ा जाता है तो इससे यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला और चंडीगढ़ जिले के लोगों को काफी फायदा होगा. 104 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित पानीपत मेरठ रेलवे लाइन की अनुमानित लागत लगभग 948 करोड रुपए है.

आपके लिए जरूरी सूचना हरियाणा के लोगों का सीएम का तोहफा, राज्य में इन लोगों को मिलेगा मकान

2010-11 के बजट में इस रूट पर रेलवे लाइन की घोषणा से पहले जो सर्वे किया गया था उसने पाया गया था कि 100 रुपये में से लगभग पौने 5 रुपये की दर से रेलवे को इस रूट पर लाभ मिलेगा. इस लाइन से रेलवे को सालाना 45 करोड रुपए की आय होने की उम्मीद है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसका काम शुरू नहीं किया जा सका है.


यदि यह दोनों रेलवे लाइन बिछती हैं तो इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी. राजधानी चंडीगढ़ से लेकर यमुनानगर तक और मेरठ से पानीपत तक लोगों को इन रूटों का बेसब्री से इंतजार है. इस रूट पर लाखों लोग रोज यात्रा करते हैं जो कि रेलवे लाइन की सुलभ व्यवस्था ना होने के चलते परिवहन के अन्य साधनों पर निर्भर हैं.