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पंचायत को बताना होगा लाल डोरे की जमीन पर किसका है कब्जा, इस गांव से होगी शुरूआत

चण्डीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि विधानसभा सत्र के तीसरे दिन आज  लाल डोरा के सम्बन्ध में सदन में हुई चर्चा के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि करनाल जिले के सिरसी गांव से 26 जनवरी, 2020 को आरम्भ की गई इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामित्व योजना के नाम के कई राज्यों में लागू किया है।
 

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायत को ग्राम सभा की बैठक में यह बताना होता है कि लाल डोरे के अन्दर उक्त जमीन पर किसका कब्जा है। उसके बाद उसकी मैपिंग करवाई जाती है। यदि किसी को आपत्ति होती है तो वह एक महीने के अन्दर उपायुक्त को अपील कर सकता है।

उन्होंने कहा कि अब तक 3000 गांवों में लाल डोरे के अन्दर 10 लाख सम्पत्तियों का चयन किया गया है और साढे तीन लाख रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। ऑपरेशन गंगा के बारे पूछे गये एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक हरियाणा के 1815 छात्रों की पहचान की गई है, जो पहले 1785 थी।

उन्होंने कहा कि अब तक 1014 छात्र वापस लौट चुके हैं और यूक्रेन के विभिन्न शहरों में 123 छात्र फसे हुए हैं। इसके अलावा, 599 छात्र पोलेंड, हंगरी स्लोवाकिया देशों के बोर्डर पर पहुंच चुके हैं तथा 59 से सम्पर्क नहीं हो पाया है और हरियाणा के 20 विद्यार्थी पहंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या भारत की ही नहीं बल्कि दुनिया की समस्या बन गई है। इसलिए सभी को सुरक्षित लाना पहली प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में पूर्व स्पीकर डा. रघुबीर सिंह कादियान अन्य कांग्रेस के सदस्यों द्वारा किया गया आज का व्यवहार लोकतंत्र पद्वति के खिलाफ है और सदन की मर्यादा का उल्लंघन है। बेहतर होता कि डा0 कादियान विधानसभा अध्यक्ष द्वारा खेद व्यक्त करने का दिए गये मौके पर सदन में खेद व्यक्त करते तो मामला यहीं समाप्त हो जाता।

बहुमत के साथ पारित प्रस्ताव पर सदन में विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय सर्वोपरि होता है। इससे पहले भी पिछले सत्र में तीन कृषि कानूनों की प्रतियां विपक्ष के सदस्यों द्वारा फाड़ी गई थी और आज सदन में बिल का प्रस्ताव रखे जाने के बावजूद फिर धर्म परिवर्तन निवारण विधेयक, 2022 की प्रतियां फाड़ी गई।