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हरियाणा में रजिस्ट्री प्रक्रिया में किया बदलाव, अब लोग खुद भर सकेंगे फॉर्म

registry rate in haryana : इस समय हरियाणा की तहसीलों में मैनुअल तरीके से रजिस्ट्री होती है। अर्जी नवीस से फाइल तैयार कराने के बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होती है। सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची कि रजिस्ट्री के नाम पर अर्जी नवीस लोगों से अधिकारियों के नाम की अवैध वसूली करते हैं।
 

HR BREAKING NEWS तहसीलों में भ्रष्टाचार रोकने के लिए हरियाणा सरकार अर्जी नवीसों (डॉक्यूमेंट राइटर) को रजिस्ट्री प्रक्रिया से बाहर करेगी। इसकी तैयारी चल रही है। रजिस्ट्री प्रक्रिया को और पारदर्शी व आसान बनाने के लिए राजस्व विभाग अपनी वेबसाइट अपडेट करा रहा है।

वेबसाइट पर ही जमीन से संबंधित 25 तरह के प्रोफार्मा उपलब्ध रहेंगे। इन प्रोफार्मा में जमीन खरीद या बेचने वाले खुद ही विवरण भरकर रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन ही आवेदन कर सकेंगे।

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इस समय हरियाणा की तहसीलों में मैनुअल तरीके से रजिस्ट्री होती है। अर्जी नवीस से फाइल तैयार कराने के बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होती है। सरकार के पास रिपोर्ट पहुंची कि रजिस्ट्री के नाम पर अर्जी नवीस लोगों से अधिकारियों के नाम की अवैध वसूली करते हैं।

साथ ही नियमों के खिलाफ जाकर अवैध कॉलोनियों की भी रजिस्ट्रियां कराई जाती हैं। सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रही है। आगामी माह में ट्रायल के बाद इसे सभी तहसीलों में लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी अर्जी नवीस की जरूरत नहीं रहेगी। केवल खरीद-बेचने वाले और तहसील के अधिकारी इसमें शामिल होंगे। इससे पहले सरकार रजिस्ट्री के लिए टोकन लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर चुकी है।


नियमों के खिलाफ पैसे लेते हैं नवीस


करनाल में गिरफ्तार हुए तहसीलदार राजबख्श के मामले में विजिलेंस की जांच में सामने आया है कि 15 अर्जी नवीस तहसीलदार को पैसे अर्जी नवीस देते थे। नियमों की बात करें तो अर्जी नवीस की लिखाई की फीस 30 से 100 रुपये तक होती है। तहसीलों में मनमर्जी के पैसे लिए जाते हैं।

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नियमों के खिलाफ नहीं हो सकेगी रजिस्ट्री


व्यक्ति ऑनलाइन रजिस्ट्री के लिए आवेदन करेगा। प्रोफार्मा भरने के बाद यह तहसीलदार या नायब तहसीलदार के पास ऑनलाइन ही फाइल पहुंचेगी। पंजीकरण अधिकारी तो या तो रजिस्ट्री पर लिखित में ऑब्जेक्शन लगाकर उसे रद्द करना होगा या फिर सही दस्तावेज होने पर रजिस्ट्री करनी होगी। पोर्टल के बाद कोई भी अधिकारी रजिस्ट्री को लटका नहीं सकेगा। दूसरा, अगर अवैध कॉलोनी की रजिस्ट्री है तो यह खसरा नंबर के आधार पर पोर्टल पर अपलोड ही नहीं हो सकेगी।


 विभाग की वेबसाइट को अपडेट कराया जा रहा है। आगामी माह तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। वेबसाइट पर सभी प्रकार के प्रोफोर्मा होंगे। तहसील में किसी भी कार्य के लिए प्रोफार्मा भरकर आवेदन कर सकेंगे। इससे अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, दूसरा भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। -पीके दास, एसीएस, राजस्व विभाग।

 

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