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हिसार और हांसी डिपो की 30 बसों को नहीं मिल रहे नए टायर, 15 रूट प्रभावित

Hisar News : इन दिनों हिसार और हांसी डिपो में रोडवेज बसों की कमी का खामियाजा रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भुगतना पड़ हो सकते हैं। जिले के अधिकतर गांवों के रूटों पर बसे नहीं पहुंचने पर रोजाना आने जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 

 

HR Breaking News (Hisar News) : रोडवेज बसों के पहिए थमने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। हिसार और हांसी से डिपो में टायरों की कमी के चलते 30 से अधिक बसें वर्कशॉप में खड़ी है। इसका असर ग्रामीण क्षेत्र से लेकर दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों के रूट पर दिखाई देने लगा है। बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबे समय अड्डों पर खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो रोजाना नौकरी पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए रोडवेज बसों पर निर्भर है।

यात्रियों को करना पड़ता है इंतजार  (hisar roadways dipot)

 

बसों की कमी का असर सबसे ज्यादा ग्रामीण रूटों पर पड़ रहा है। हिसार से हांसी (hansi dipot news) होते हुए बरवाला, उकलाना (uklana  news), खेड़ी लोहचब, आदमपुर सहित अन्य रूटों पर यात्रियों को प्राप्त बसें नहीं मिल पा रही है। इन क्षेत्रों में परिवहन विकल्प सीमित होने के कारण रोडवेज बसों पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ता है। बस छुटने या निर्धारित समय पर बस नहीं मिलने पर यात्रियों को कई घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे उनके काम प्रभावित होते हैं। इसके अलावा नाइट स्टे करने वाली कुछ बसों का संचालन भी प्रभावित है। ऐसे में सुबह जल्दी शाम से करने वाली यात्रियों को भी दिक्कत तो का सामना करना पड़ रहा है।

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टायरों की उपलब्धता जरूरी 

 

डिपो में खड़ी बसों को दोबारा सड़कों पर उतरने के लिए टायरों की उपलब्धता जरूरी है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार बीएस-4 मॉडल (BS-4 model) की बसों के लिए करीब 450 टायरों की खेप की डिमांड भेजी गई है। आपूर्ति नहीं होने के कारण बसों के संचालन में शामिल नहीं किया जा पा रहा। वर्कशॉप में खड़ी बसों की संख्या बढ़ने से उपलब्ध बसों पर यात्रियों का दबाव भी बढ़ रहा है।