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पंचकूला की घटना के बाद हिसार में सख्ती, 5 कड़े नियम लागू, 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे चालू  

Hisar News : पंचकूला में हुई घटना के बाद अब हिसार पुलिस प्रशासन भी एक्शन मोड में हैं। हिसार एसपी ने अब 5 कड़े नियम की लागू किए हैं एसपी ने कहा कि पंचकूला जैसी वारदत हिसार में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।    
 

HR Breaking News (Hisar News) : पंचकूला (Panchkula news) के स्कूल में बच्ची के साथ हुई घटना के बाद हिसार में भी स्कूलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला पुलिस ने सरकारी और निजी स्कूल प्रबंधन को परिसर में सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और विद्यार्थियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने साफ किया है कि स्कूलों में किसी भी तरह की घटना होने पर उसे छिपाने या शिकायत दबाने का प्रयास किया गया तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देने की हिदायत दी गई है।

हिसार में 5 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी 

हिसार (hisar latest news) में भी कम उम्र के विद्यार्थियों के बीच हिंसक घटनाएं चिंता बढ़ा चुकी हैं। जिले में छात्रों पर जानलेवा हमले, गोलीबारी और हत्या जैसी पांच से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ बच्चों के बीच बढ़ते आक्रामक व्यवहार को रोकना भी चुनौती बन रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल, हिंसक सामग्री और अभिभावकों की बच्चों के प्रति कम होती निगरानी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं।

स्कूलों में इन व्यवस्थाओं पर रहेगा विशेष ध्यान

एसपी (hisar SP new rule hisar) ने नियम लागू करते हुए बताया कि स्कूलों के प्रवेश और निकास द्वार, सीढ़ियों, गलियारों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर कैमरे चालू रखने होंगे। इसके अलावा कैमरों की रिकॉर्डिंग का बैकअप भी सुरक्षित रखना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में उसका इस्तेमाल किया जा सके। वहीं कक्षाओं, खेल मैदान और अन्य गतिविधियों के दौरान विद्यार्थियों की निगरानी के लिए शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी तय करनी होगी। संवेदनशील स्थानों पर स्टाफ की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों के बीच झगड़ा, धमकी, बुलिंग या रैगिंग की शिकायत (Complaint of bullying or ragging) मिलने पर स्कूल प्रबंधन को तुरंत हस्तक्षेप करना होगा व सुरक्षा गार्ड और अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होगी। विद्यार्थी को बिना अनुमति और पहचान की पुष्टि के स्कूल परिसर से बाहर जाने नहीं दिया जाएगा। 

बच्चों के व्यवहार में बदलाव को गंभीरता से लें अभिभावक

एसपी सिद्धांत जैन (hisar SP Siddhant Jain) ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें। यदि बच्चा अचानक चुप रहने लगे, स्कूल जाने से घबराए या जरूरत से ज्यादा आक्रामक व्यवहार करे तो इसे सामान्य बचपना समझकर नजरअंदाज न करें। बच्चों से बातचीत बढ़ाएं और उन्हें भरोसा दिलाएं कि किसी भी परेशानी या दुर्व्यवहार की जानकारी वे बिना डर के साझा कर सकते हैं।

जानिए  क्या  कहते हैं  विशेषज्ञ

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत कुमार (Psychiatrist Dr. Prashant Kumar) ने बताया कि मोबाइल, इंटरनेट, गेमिंग और सोशल मीडिया पर बच्चे क्या देख रहे हैं, इस पर भी निगरानी जरूरी है। उम्र के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराएं और हिंसक माहौल से दूर रखें। जरूरत पड़ने पर चाइल्ड साइकियाट्रिस्ट या क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट से परामर्श लेने से व्यवहार में सुधार की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे बच्चों को केवल बिगड़ा हुआ या अपराधी मानने के बजाय उनकी समस्या का उचित मूल्यांकन और उपचार जरूरी है। साथ ही पीड़ित बच्चों की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई भी जरूरी है।