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हिसार में ऑनलाइन सिस्टम से किसान परेशान, गोदाम में खाद होने पर भी किसानों को नहीं मिली DAP

DAP Khad Online : हिसार में डीएपी खाद को लेकर किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार की तरफ से खाद की उपलब्धता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। गोदाम में डीएपी खाद मौजूद होने के बावजूद भी किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। किसान सुबह से ही खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं और घंटा इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। 
 

HR Breaking News (DAP Khad) हरियाणा के हिसार शहर में डीएपी खाद को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। हिसार अनाज मंडी (Hisar anaj mandi) में स्थित खाद गोदाम पर किसानों की लंबी लाइन देखने को मिली है। सोमवार को भी सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान खाद और अपना नंबर आने का इंतजार करते रहे वहीं, मंगलवार के दिन किसानों को खाद का इंतजार करना पड़ा और कुछ किसान ऐसे भी रहे जिन्हें खाली हाथ अपने घर लौटना पड़ा। 


किसानों ने मीडिया रिपोर्ट में बताया कि वह कई घंटे तक खाद लेने के लिए लाइन में खड़े रहते हैं लेकिन उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। हैफेड केंद्र (HAFED Centre Hisar) में शनिवार की शाम को डीएपी के 800 बैग पहुंचे (DAP In Hisar) थे, लेकिन पोर्टल की तकनीकी कमी की वजह से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों की तरफ से बताया गया है कि गोदाम में खाद तो पहुंच रही है लेकिन व्यवस्था ठीक नहीं होने की वजह से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। कई किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसने की तरफ से कहा गया है कि अगर पहले से सही व्यवस्था की जाए तो खाद बांटने का प्रोसेस (process of distributing fertilizer) काफी ज्यादा आसान हो जाए और किसानों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े। 

किसानों की मुख्य परेशानी 


मीडिया रिपोर्ट में किसानों द्वारा बताया गया है कि खाद लेने के लिए उन्हें सुबह-सुबह ही केंद्र पर पहुंचना पड़ता है और इसके बाद घंटे तक इंतजार करना पड़ जाता है। कई बार नंबर आने से पहले ही समय खत्म हो जाता है और किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ जाता है। 


पोर्टल और मशीन (fertilizer portal or machine) में तकनीकी परेशानी आने की वजह से खाद बांटने का प्रोसेस रुक जाता है और इसे किसानों का समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो जाती है। 


पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच की तरफ से बताया गया है कि सरकार पोर्टल पर चल रही है। POS मशीन पर कोई डाटा नहीं है लेकिन खाद तो केंद्र में पहुंच गया है। आधार कार्ड देखकर किसानों को ऑफलाइन रिकॉर्ड के जरिए भी खाद बांटा जा सकता है।  


अफसरों को भी भेजी गई जानकारी 


हैफेड के मैनेजर वीरेंद्र कुमार (Hafed Manager Virendra Kumar) की तरफ से बताया गया है कि खाद केंद्र पर 800 बैंक डीएपी खाद पहुंचा है लेकिन यह POS मशीन में अपडेट नहीं हुआ था। किसान की मशीन पर बायोमेट्रिक व फसल पंजीकरण देखकर खाद दिया जा सकता है। मंगलवार श्याम 4:00 बजे मशीन पर खड़ी का स्टॉक तो फ्लैश हुआ लेकिन पंजीकरण डेटा मशीन में नहीं लिया गया। इसकी जानकारी भी ऊपर अफसरों को भेज दी गई है।


हिसार हैफेड केन्द्र के अंदर प्राइवेट कंपनी का डीएपी खाद्य (DAP food of private company) शनिवार शाम को पहुंचा था और नियम के मुताबिक केंद्र में आने वाले खाद को ऑनलाइन फर्टिलाइजर मॉनिटरिंग सिस्टम (Online Fertilizer Monitoring System) पर अपलोड करना होता है। लेकिन दो दिन तक हेयर स्टॉक अपडेट नहीं हुआ और मंगलवार शाम को स्टॉक अपडेट हुआ तथा मशीन चलाई गई तो पोर्टल की तकनीकी समस्या सामने आ गई। मशीन में स्टॉक तो दर्शाया जा रहा था लेकिन पोर्टल पर दर्ज किसानों का आप पंजीकरण डेटा नहीं आया। इसकी जानकारी हैफेड केंद्र ने कृषि विभाग (Department of Agriculture) को दे दी है।