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Hisar Mandi Bhav : 2200 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा बाजरा, सरकारी खरीद में देरी 

Hisar Mandi Bhav : खरीफ सीजन 2026 की लगभग सभी फैसले कटने के लिए तैयार हैं। कपास, मूंग और बाजरे कि फैसले मंडियों तक पहुंचने लगी हैं। लेकिन बाजारों में अभी तक ज्यादातर फसलों की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। ऐसे में किसान बाजरे और मूंग की फसल सस्ते में बेचने को मजबूर है।  आज मंडी में बाजार 2200 से 2500 प्रति क्विंटल बिका है। चलिए खबर में जानते हैं विस्तार से -

 

HR Breaking News - हरियाणा के हिसार जिले की मंडियों में बाजरा, मूंग और धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में किसान मंडियों में खुली-बोली पर फसल बेचने को मजबूर हैं जिसके चलते फसलों का भाव (mandi update) किसानों को MSP से नीचे मिल रहा है। अब किसानों की आप भावांतर योजना पर टिकी हुई है। हालांकि नियमों के मुताबिक नुकसान की पूरी भरपाई को लेकर संशय बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 1 अक्टूबर से मंडियों में बाजरा, मूंग (moong ka rate) और धान की सरकारी खरीद शुरू होगी। 


हिसार की मंडी में बाजरे और मूंग का ताजा भाव - 


हिसार की मंडियों में अब तक बाजरे (bajre ka bhav) की 1,143 क्विंटल आवक हुई है और मूंग 71 क्विंटल पहुंचा है। सरकारी खरीद के अभाव में आढती लैब में नमी की जांच के बाद खुली बोली के माध्यम से फसल खरीद रहे हैं। हिसार मंडी (hisar mandi bhav) में बाजरे की कीमत 2200 से 2500 प्रति क्विंटल चल रही है। वहीं मूंग की कीमत 7200 से 7300 रुपए क्विंटल दर्ज की गई है।


MSP से नीचे बिक रहा बाजरा और मूंग - (aaj ka mandi bhav)


साल 2026 से 27 के लिए बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2900 प्रति क्विंटल तय किया गया है वहीं मूंग का एसपी सरकार ने 8780 रुपए क्विंटल तय किया है। धान (dhan ka bhav) के सामान्य ग्रेड का MSP 2403 रुपए है और ग्रेड -ए धान का MSP 2461 रुपए प्रति क्विंटल है ऐसे में बाजार और मूंग की बिक्री MSP से नीचे हो रही है जिसके चलते किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।


भावांतर योजना पर टिकी किसानों की नजर - 


किसान नेता मनोज कुमार का कहना है कि किसानों को उम्मीद से फसलों का कम रेट मिलने पर भावांतर योजना के तहत अंतर की भरपाई होगी, लेकिन उन्हें आशंका है की खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद कहीं नए नियम लागू न हो जाएं। सरकार को योजना के प्रावधान साफ रखना चाहिए।


मंडी सुपरवाइजर ने दी जानकारी - 


हिसार मंडी सुपरवाइजर, अशोक कुमार का कहना है की फसलों की सरकारी खरीद भी शुरू नहीं हुई है। लेकिन किसान बाजार और मूंग लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। आढती खुली-बोली पर फसल खरीद रहे हैं। किसानों को फसलों का MSP नहीं मिल रहा है जिसके चलते उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के नुकसान की भरपाई भावांतर योजना से की जाएगी।