Hisar News : घोड़ा फार्म आरओबी के अलाइनमेंट को हरी झंडी, 20 हजार वाहनों और कई सेक्टरों को मिलेगा लाभ
Hisar News : हिसार शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए लगातार सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। इसके साथ ही शहर में पुरानी सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी पर है। अब हिसार वालों के लिए एक और अच्छी खबर है। दरअसल घोड़ा फार्म आरओबी का डिजाइन तैयार हो चुका है। B&R विभाग और PWD मंत्री रणबीर गंगवा ने इसकी एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी है।
HR Breaking News - हिसार शहर के साउथ बाइपास पर रेल फाटक होने की वजह से लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साउथ बायपास (South Bypass) को रेलवे फाटक से मुक्त करने की तैयारी पिछले 10 सालों से चल रही है, लेकिन हर बार घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर रेलवे पुल की ड्राइंग को लेकर अड़चन आती रहती है।
आरओबी के अलाइनमेंट को हरी झंडी -
रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट (Railway Overbridge Project) पर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में B&R विभाग और PWD मंत्री रणबीर गंगवा ने इसकी एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी है। लेकिन तकनीकी एक्सपर्ट ने इस डिजाइन को सही नहीं बताया है। उनका कहना है कि ओवरब्रिज का डिजाइन हादसों को न्योता देने वाला है। उनके अनुसार डिजाइन (Overbridge Design) में मामूली बदलाव कर पास करवाई गई यू-शेप अलाइनमेंट सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है है।
एक्सपर्ट के अनुसार पुल का सही नहीं डिजाइन -
एक्सपर्ट का कहना है कि ओवरब्रिज (Hisar New Overbridge) का डिजाइन भविष्य के ट्रैफिक दबाव को झेलने में पूरी तरह से अक्षम साबित होगा। एक्सपर्ट का मानना है कि ओवरब्रिज को बनाने के लिए और जमीन ली जानी चाहिए। भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पल के घुमाव को कम करना चाहिए। अगर ओवरब्रिज के घुमाव को कम नहीं किया गया तो यह खतरों का पुल हो सकता है। पल के U-आकार में बनने से हादसे होने का खतरा बना रह सकता है।
GLF की जमीन लेकर पुल बना दो 150 करोड़ आएगा खर्चा - (Hisar News)
B&R विभाग के एक्शन गौरव जैन और विभागीय अधिकारियों ने सुरक्षा की इन चिताओं पर अपना पक्ष रखा है और अलाइनमेंट को सही ठहराया है। उनका कहना है कि अगर GLF की जमीन लेकर आरओबी बनाया जाता है तो प्रक्रिया में ज्यादा समय लगेगा और प्रोजेक्ट की लागत 40 करोड़ से बढ़कर 150 करोड रुपए तक पहुंचे जाएगी। अधिकारियों का कहना है की ड्राइंग में सुधार के बाद मोड को हल्का कर दिया गया है जिससे वाहन 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पुल से गुजर सकेंगे।
GLF की एनओसी का मामला पशुपालन विभाग के पास लंबित -
मौजूदा एलाइनमेंट के लिए अतिरिक्त जमीन खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। GLF से NOC से काम चल जाएगा। अधिकारियों को कहना है कि बार-बार प्रयास करने के बाद भी स्टड फार्म की जमीन नहीं मिल रही है। GLF की एनओसी का मामला पशुपालन विभाग के ACS के पास लंबित है।
एक्सपर्ट ने जिंदल आरओबी का दिया उदाहरण -
B&R रिटायर्ड एक्सईएन राय सिंह का कहना है कि यू- आकार में पुल का निर्माण करना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जोखिम भरा है। अगर इस डिजाइन पर पुल बनाया जाता है तो वाहनों की रफ्तार कम होकर 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाएगी। उन्होंने जिंदल आरओबी (Hisar Jindal ROB) का भी उदाहरण दिया है। इस पल को भी सांप सीढ़ी की तरह बनाया गया है जिसका खामियाजा आज जनता भुगत रही है। इस पुल से वाहन रेंगते हुए निकलते हैं।
HAU की 5.2 एकड़ जमीन खरीद अलाइनमेंट हो सकती है सीधी -
ROB की नींव कम से कम 50 सालों के भविष्य को ध्यान में रखकर रखी जाती है। आने वाले समय में जब ट्रैफिक का दबाव बढ़ेगा तब यह मोड सबसे बड़ा जाम और हादसों का केंद्र बन सकता है। एक्सपर्ट का कहना है की लागत या समय चाहे कितना भी लगे, अगर सुधार हो सकता है तो जरूर किया जाना चाहिए। HAU की 5.2 एकड़ जमीन या GLF की जमीन का उपयोग कर एलाइनमेंट सीधी की जा सकती है। निर्माण की लागत से अधिक कीमत आमजन की जान है।
आरओबी के बनने से होंगे ये फायदे -
यह आरओबी शहर का दूसरा सबसे लंबा आरओबी (New ROB) होगा। इसकी लंबाई 890 मीटर होगी और 12 मीटर चौड़ा बनेगा। इसमें वाहनों के चलने योग्य हिस्सा 11 मीटर रहेगा। बाईपास के तीन फटकों में से सेक्टर 16, 17 और सातरोड का आरओबी चालू है। घोड़ा फॉर्म (Hisar Horse Farm) पर आरओबी बनने से बाईपास फाटक मुक्त हो जाएगा। इससे जाम नहीं लगेगा और सफर सुरक्षित और आसान होगा। आए दिन इस रूट से गुजरने वाले 20,000 वाहनों और इसके अलावा ऋषि नगर, सेक्टर 14, सेक्टर 14 पार्ट -2 और सेक्टर 33 के निवासियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।