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हिसार के नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए खुले पैसों की नहीं पड़ेगी जरूरत 

Hisar News : हिसार नागरिक अस्पताल में यूपीआई पेमेंट्स (UPI Payments) की सुविधा  शुरू हो गई है। मरीजों को अब  कैश को लेकर समस्या नहीं उठानी पड़ेगी। कैश नहीं  होने की स्थिती में डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। मरीजो को अब खुले पैसों के चक्कर में नहीं पड़ना पड़ेगा। चलिए जानते हैं इस सुविधा के बारे में विस्तार से।
 

HR Breaking News (Hisar News) : नागरिक अस्पताल में मरीजों को ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए  डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल गई है। अस्पताल प्रशासन की और से (UPI payments available at Hisar Civil Hospital) इसके लिए शुरुआती चरण में 10 स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए हैं। अब अगर मरीजों के पास यदी खुले पैसे नहीं है तो वे नगद राशि देने की बजाए यूपीआई के माध्यम से भी फीस जमा कर सकेंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और अस्पताल में होने वाली प्रत्येक लेनदेन का रिकॉर्ड रखना है।

ओपीडी पर्ची के 5 रुपये देने होते हैं नगद

 

अब तक अस्पताल (Hisar Civil Hospital news) में ओपीडी पर्ची (opd slip) के लिए नकद 5 रुपये  देने होते थे। कई बार खुले पैसे नहीं होने के कारण मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था। मरीजों  की और से बड़े नोट देने पर खिड़की पर खुले पैसों  के लिए इंतजार करना पड़ता था। ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से मरीजो को अब इस समस्या से राहत मिली है।

घर बैठे करवा सकेंगे ओपीडी पंजीकरण

 

अस्पताल में आने से पहले ही मरीज घर बैठे ई-उपचार पोर्टल (e-treatment portal) के माध्यम से ओपीडी के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए मरीज के पास यूएचडी नंबर (uhd number) होना अनिवार्य है। यह नंबर सरकारी अस्पताल में पहली बार इलाज करवाने पर मरीज को जारी किया जाता है। यानी जिन मरीजों के पास यूएचडीर नंबर नहीं है वो घर बैठे ओपीडी पंजीकरण का लाभ नहीं ले सकेंगे।

 

लेनदेन के मामलों में गड़बड़ी होगी कम

 

सिविल सर्जन डॉक्टर सपना गहलावत (Civil Surgeon Dr Sapna Gehlawat) ने बताया की नागरिक अस्पताल में डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू करने के निर्देश मुख्यालय की और से मिले थे। इनका उद्देश्य नगद और ऑनलाइन दोनों माध्यम से होने वाले भुगतान का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना है। इससे हिसाब-किताब का मिलान करने में आसानी होगी। लेनदेन में गड़बड़ी की आशंका कम होगी साथ में मरीजों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने जैसी शिकायतों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।