लुवास में राष्ट्रीय एकता दिवस पर विकसित भारत-2047 में डेयरी क्षेत्र की भूमिका पर हुई चर्चा
HR Breaking News (LUVAS News Update) लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के दुग्ध विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ऑनलाइन विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान का विषय ‘भारत में डेयरी क्षेत्र : अतीत, वर्तमान स्थिति एवं विकसित भारत-2047 के लिए भविष्य की कार्ययोजना’रहा।
डेयरी उद्योग को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर भी चर्चा
इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी, हैदराबाद के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवकुमार एस ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत में डेयरी क्षेत्र के विकास के विभिन्न चरणों, वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की आजीविका और रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण आधार है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में इस क्षेत्र की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने दुग्ध उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार, पशुपालन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग, दूध के प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने तथा डेयरी उद्योग को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान, नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर डेयरी क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है। साथ ही, विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में उभरते अवसरों का लाभ उठाने और देश के डेयरी विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी
कार्यक्रम में महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सुशीला मान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और युवा वैज्ञानिक सोच, मेहनत तथा नई तकनीकों को अपनाकर इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर डेयरी सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजेश छाबड़ा, डेयरी रसायन विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी, डेयरी प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एस. बी. पाटिल तथा डेयरी व्यवसाय प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास नेहरा भी उपस्थित रहे।
देश की आंतरिक सुरक्षा और एकता बनाए रखने में अपना योगदान देने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलवाई गई। इस अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया गया तथा सभी से देश की आंतरिक सुरक्षा और एकता बनाए रखने में अपना योगदान देने का आह्वान किया गया।
तंबाकू मुक्त युवा अभियान के अंतर्गत ‘तंबाकू को ना कहें’ शपथ-2026 भी दिलवाई
इसके साथ ही तंबाकू मुक्त युवा अभियान के अंतर्गत ‘तंबाकू को ना कहें’ शपथ-2026 भी दिलवाई गई। डॉ. रचना एवं डॉ. शालिनी अरोड़ा ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को शपथ दिलवाई कि वे अपने जीवन में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद का सेवन नहीं करेंगे तथा अपने परिवारजनों, मित्रों और परिचितों को भी तंबाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने अपने आसपास के वातावरण को तंबाकू मुक्त रखने, कम से कम दस अन्य लोगों को भी इस शपथ के लिए प्रेरित करने तथा तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
विद्यार्थियों को डेयरी क्षेत्र के भविष्य की संभावनाओं से परिचित
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. इंदु एवं अन्य समिति सदस्यों का विशेष योगदान रहा। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम के आयोजन एवं विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपना सहयोग दिया। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को डेयरी क्षेत्र के भविष्य की संभावनाओं से परिचित करवाने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।